लाल किले पर जहां पीएम फहराते हैं झंडा वहीं मिला गोला-बारूद का अंडरग्राउंड चेंबर
नई दिल्ली। देश की शान लाल किले की सफाई करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कर्मचारियों को एक गुप्त अंडरग्राउंड चेंबर मिला है। यह चेंबर लाहौरी गेट के पास था। आपको बता दें कि लाहौरी गेट लाल किले का मुख्य प्रवेश द्वार है और यहीं से स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री पूरे देश को संबोधित करते हैं। हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक यह चेंबर मूल रूप से गोला बारूद के लिए इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि जब इसका पता चला तब इसमें भारी मात्रा में कीचड़ भरा था। जानकारी के मुताबिक इस चेंबर से किसी भी तरह का कोई विस्फोटक या आग्नेयास्त्र नहीं मिला है। पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों के मुताबिक यह चेंबर संभवत: 1857 में ब्रिटिश सेना द्वारा बनाया गया था। विस्तार से जानिए पूरा मामला

जहां पीएम फहराते हैं झंडा वहां से महज कुछ फीट की दूरी पर है यह चेंबर
जानकारी के मुताबिक चेंबर एक अंडाकार डिब्बे जैसा है। ये लखोरी ईंट से बना है। यह लगभग 6 मीटर लंबा, 2 मीटर चौड़ा और 3 मीटर ऊंचा है। पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों के मुताबिक यह चेंबर उस जगह से महज कुछ फीट की दूरी पर था जहां से हर स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह चेंबर कीचड़ के नीचे इस कदर दबा हुआ था कि विभाग को अबतक इसके अस्तित्व का पता नहीं चल सका था। इसकी सफाई के बाद अब पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को इसका असली आकार मिला है।

गोला बारूद रखने के लिए होता था प्रयोग
अधिकारियों का कहना है कि इस चेंबर का प्रयोग संभवत: गोला बारूद रखने के लिए किया जाता था क्योंकि उस समय (मुगल या ब्रिटिश काल) गर्मी से बचाने के लिए हथियारों को मिट्टी और कीचड़ के नीचे दबा देने का चलन था। ऐसा इसलिए क्योंकि मिट्टी इंसुलेटर के रूप में काम करती है।

इससे पहले भी लाल किले से बरामद हुआ है गोला बारूद
बीते साल गणतंत्र दिवस से ठीक पहले लालकिला परिसर स्थित एक कुएं के भीतर से सफाई के दौरान भारी तादाद में गोला बारूद मिला था। यह गोला-बारूद एक बक्से में रखा हुआ था। माना जा रहा था कि कुएं से मिला गोला-बारूद काफी पुराना है और सेना से संबंधित है। बक्से के भीतर से 90 खाली कारतूस, 50 जिन्दा कारतूस और पांच मोर्टार बरामद किए गए थे।












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