आखिर क्यों पिछले दिनों में बढ़े कोरोना के मामले, एक्सपर्ट ने बताई वजह, सिर्फ पाबंदी से नहीं बनेगी बात
नई दिल्ली। देश में कोरोना के मामले लगातार फिर से बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से एक बार फिर से कोरोना की दूसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामलों में एक बार फिर से बढ़ोतरी देखने को मिली है। जिसके बाद केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश की सहायता के लिए अलग टीम का गठन किया है। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रदेश सरकारों ने नई पाबंदियां लगाने का फैसला लिया है, इन राज्यों में रात्रि कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया।
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अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, अलवर और भीलवाड़ा में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया है। वहीं राजस्थान में भी सभी बाजारों, कॉमर्शियल कामकाज, शॉपिंग मॉल और रेस्टोरेंट को शाम 7 बजे से बंद करने का आदेश दिया गया है। बता दें कि इन तीनों राज्यों के आस पास के जिलों में दिवाली व त्योहारों की वजह से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इन जगहों पर कोरोना के नए मामलों की संख्या तकरीबन 400 थी जोकि बढ़कर 600 तक पहुंच गई।
जिस तरह से कोरोना के नए मामलों के बीच नई पाबंदियां लगाई जा रही है उसके बाद इन पाबंदियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मई माह के अंत तक केंद्र सरकार ने अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी थी लेकिन अधिकतर अधिकार राज्य सरकारों को दिए गए कि वह प्रदेश की स्थिति के अनुसार फैसले लें। वहीं इन पाबंदियों के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुख्य रूप से दो बात पर निर्भर है, पहली यह कि दिवाली से पहले टेस्टिंग की दर में कमी आई और लोगों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिला। ऐसे में किसी भी तरह की नई पाबंदियां लगाई जाती हैं तो रोकधाम पर ध्यान देने की जरूरत है।
पूर्व प्रोफेसर और कम्युनिटी मेडिसिन के मुखिया डीसीएस रेड्डी का कहना है कि हाल के दिनों में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह है कि टेस्टिंग बढ़ी है, टेस्टिंग कम होने की वजह से कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी देखी गई थी, लेकिन त्योहारों में लोगों की सक्रियता और लापरवाही के चलते संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सूरत, वडोदरा, जयपुर, भोपाल में दिवाली से पहले कोरोना के मामलों में गिरावट देखने को मिला था। दिवाली के दिनों में 4000-6000 लोगों का टेस्ट किया जा रहा था लेकिन बाद में 15-17 नवंबर तक यह गिरकर 3000 तक पहुंच गया था। रविवार को जयपुर में 8537 लोगों का टेस्ट किया गया। जबकि सूरत में दिवाली से पहले 11000 लोगों का टेस्ट किया जा रहा था जोकि दिवाली के समय कम होकर 8000 तक पहुंच गया। अब टेस्टिंग की गति फिर से बढ़ गई और यह 11 हजार से 12 हजार तक पहुंच गई है।












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