हेमंत सोरेन अपने वादों पर कितने खरे उतरे? BJP के 'मिला क्या' अभियान ने झारखंड सरकार को कठघरे में खड़ा किया
Jharkhand BJP 'Mila Kya': झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। राज्य की विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) हेमंत सोरेन के सरकार के कामों को लेकर हमलावर है। भाजपा ने अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सरकार के कामों की जांच के लिए "मिला क्या" अभियान शुरू किया है।
भाजपा का "मिला क्या" अभियान JMM सरकार के पिछले पांच सालों के कामों की रिपोर्ट कार्ड पेश करेगा। इस कम्पैन के तहत भाजपा जनता को ये बिताएगी कि सीएम हेमंत सोरेन ने अपने कार्यकाल के दौरान क्या-क्या वादें और उसको कितना पूरा कर पाए हैं।

BJP के 'मिला क्या' अभियान का क्या है उद्देश्य?
भाजपा का 'मिला क्या' अभियान झामुमो सरकार द्वारा किए गए चुनावी वादों और वास्तविक परिणामों के बीच असमानता का आकलन और उसे उजागर करने पर आधारित है। भाजपा का लक्ष्य हेमंत सरकार की प्रभावशीलता पर सवाल उठाना और जनता को सरकार के खोखले वादों के बारे में बताना है।
ये पूरा अभियान हेमंत सोरेन की सरकार द्वारा किए गए प्रमुख वादों का मूल्यांकन करने के इर्द-गिर्द घूमता है। इस अभियान के दौरान जनता को बताया जाएगा कि हेमंत सोरेन ने कितने वादे अब तक पूरे नहीं किए हैं।
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BJP के 'मिला क्या' अभियान में किन-किन चीजों पर ध्यान दिया जाएगा?
🔴 युवाओं के लिए रोजगार: सोरेन सरकार के पहले साल में युवाओं के लिए 1 लाख नौकरी देने का वादा किया था। भाजपा का कहना है कि ये वादा अधूरा रह गया है। भाजपा ने सीएम हेमंत से पूछा है कि आपने झारखंड के युवाओं को 5 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया था ना! क्या आपने दिया? भाजपा का कहना है कि झारखंड के युवा अभी भी बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं।
🔴कृषि लोन माफी: हेमंत सोरेन का 2 लाख रुपये तक के कृषि लोन माफ करने का वादा भी चर्चा का विषय है। भाजपा इस बात पर जोर देती है कि किसानों को दी गई वास्तविक राहत 50,000 रुपये तक सीमित है, जिससे किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की ईमानदारी पर सवाल उठता है।
🔴 निशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा: इस अभियान का लक्ष्य सभी के लिए निशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का वादा भी है। भाजपा का तर्क है कि कुछ पहल शुरू की गई हैं, लेकिन वे वादे के मुताबिक व्यापक कवरेज से कम हैं।

🔴 औद्योगिक विकास: झारखंड में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और प्रमुख उद्योगों को आकर्षित करने के वादे पर बहुत कम काम हुआ है। भाजपा इसका इस्तेमाल यह तर्क देने के लिए करती है कि राज्य संभावित आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के अवसरों से चूक गया है।
🔴 भ्रष्टाचार मुक्त शासन: हेमंत सोरेन का एक प्रमुख वादा भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना था। भाजपा का अभियान भ्रष्टाचार के चल रहे आरोपों और विवादों को सामने लाता है।
🔴 भूमि कानून संशोधन: आदिवासी भूमि के व्यावसायिक उपयोग की अनुमति देने के उद्देश्य से भूमि कानूनों में संशोधन के लिए सोरेन के विरोध की भी जांच की गई है। भाजपा का तर्क है कि यह मुद्दा अभी भी अनसुलझा है, जिससे भूमि अधिकारों के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है।

🔴 शराब पर प्रतिबंध: झारखंड में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध का वादा आंशिक रूप से लागू किया गया है, केवल कुछ खास क्षेत्रों में प्रतिबंध हैं। भाजपा इसे सरकार की अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह से पूरा करने में विफलता के उदाहरण के रूप में जनता के सामने पेश कर रही है।
🔴 भूख से हुई मौतों की सीबीआई जांच: भाजपा के अभियान के मुताबिक भुखमरी से हुई मौतों की सीबीआई जांच शुरू करने के वादे में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाने के लिए किया जाता है।
BJP 'मिला क्या' अभियान से इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरेगी?
- झारखंड में गरीब परिवारों को सालाना 72,000 रुपये की आय देने का वादा।
- झारखंड में आधार कार्ड के जरिए महिलाओं को 50,000 रुपये का लोन देने की प्रतिबद्धता।
- हर पंचायत में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा स्थापित करने का वादा।
- झारखंड में नवविवाहित दुल्हनों को सोने का सिक्का देने का वादा।
- झारखंड में गरीब विधवाओं के लिए वित्तीय भत्ता।
- झारखंड में विवाहित बहनों को घरेलू खर्च के लिए 2,000 रुपये का मासिक भत्ता।

भाजपा की रणनीति को मिल रहा है जनता का साथ
भाजपा के 'मिला क्या' अभियान को जनता का समर्थन मिल रहा है। भाजपा का दावा है कि राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष का भाव है। जनता ने रोजगार सृजन, कृषि ऋण राहत और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे मुद्दों पर अपनी चिंता जताई है। इन मुद्दों को उजागर करके भाजपा झारखंड की जनता को बताना चाहती है कि वह जेएमएम सरकार से बेहतर विकल्प हैं।












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