पश्चिम बंगाल में भारी बारिश से तबाही, जलपाईगुड़ी में 4 की मौत, 100 से अधिक घायल, सैकड़ों आशियाने उजड़े
West Bengal Storm: 31 मार्च को हुई भारी बारिश ने पूर्वोत्तर राज्यों में भारी तबाही मचाई है। पश्चिम बंगाल का जलपाईगुरी इलाका सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। जिले में भारी बारिश और ओलावृष्टि से कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, "यह जानकर दुख हुआ कि आज दोपहर अचानक भारी बारिश और तूफानी हवाओं ने जलपाईगुड़ी-मैनागुड़ी के कुछ इलाकों में आपदाएं ला दीं, जिसमें मानव जीवन की हानि, चोटें, घर की क्षति, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए।"

सीएम ने कहा कि जिला और ब्लॉक प्रशासन , पुलिस, डीएमजी और क्यूआरटी टीमें आपदा प्रबंधन कार्यों में जुटे हैं और राहत पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिला प्रशासन मौतों के मामले में परिजनों और घायलों को नियमों के अनुसार मुआवजा प्रदान करेगा।
बीजेपी सांसद जयंत कुमार रॉय का कहना है, "लगभग 166 लोग घायल अवस्था में अस्पताल आए थे और उनमें से 36 को यहां भर्ती कराया गया है और 3 लोगों को मृत लाया गया था। कुल मरने वालों की संख्या 4 है।"
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
एक स्थानीय निवासी ने बताया, "जलपाईगुड़ी जिले के बहुत सारे क्षेत्र, मैनागुड़ी में बहुत तेज तूफान आया। बहुत से मकान ढह गए। अब तक 57 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। 2 लोगों की मृत्यु हुई है, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। अभी और भी घायलों को अस्पताल लाया जा रहा है। घायलों में से कुछ लोगों को आगे मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।"
जलपाईगुड़ी के लिए रवाना ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्थिति का जायजा लेने और चक्रवात प्रभावित लोगों से मिलने के लिए आज रात तत्काल जलपाईगुड़ी के लिए रवाना हो रही हैं। इसे देखते हुए, TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कल की जलपाईगुड़ी यात्रा रद्द कर दी गई है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने जलपाईगुड़ी में तूफान से निपटने के लिए राजभवन में एक आपातकालीन कक्ष स्थापित किया है। राज्यपाल दिल्ली में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संपर्क में हैं। उन्होंने एनडीएमए से जलपाईगुड़ी में जनशक्ति और सामग्री के माध्यम से और अधिक सुदृढीकरण भेजने का अनुरोध किया। राज्यपाल केंद्रीय गृह मंत्रालय के भी संपर्क में हैं। वह कल जलपाईगुड़ी में डेरा डालेंगे और ग्राउंड जीरो और पीड़ितों के घरों का दौरा करेंगे।
प. बंगाल के अलावा असम, मणिपुर, मेघालय सहित अन्य राज्यों में कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि से घरों, इमारतों और फसलों को नुकसान हुआ है। असम की राजधानी गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बाढ़ आ गई है।
टर्मिनल के अंदर बाढ़ आने के कारण उनमें से कई फंसे हुए हैं। बाढ़ के कारण टर्मिनल की दीवारें दरक गईं, छतें टूट गईं और पानी गिरने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और भय का माहौल पैदा हो गया है। कई यात्री घुटने भर पानी में खड़े रहने को मजबूर हैं।
आपको बता दें कि बोरदोलोई एयरपोर्ट पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े और व्यस्ततम हवाई अड्डों में से एक है, जहां अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित वीवीआईपी लोग आते हैं। कुछ ही दिनों बाद गुवाहाटी में IPL मैच खेले जाएंगे।
पूर्वोत्तर के एक अन्य राज्य मणिपुर में भी कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे थौबल के सापम लीकाई और खोंगजोम गांवों में घरों, इमारतों और फसलों को नुकसान हुआ। बारिश और ओलावृष्टि ने पश्चिम बंगाल के भी कुछ इलाकों को प्रभावित किया है।
इससे पहले मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के राज्यों को लेकर चेतावनी जारी की थी। विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में आज से 5 अप्रैल तक छिटपुट गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश, बर्फबारी और बिजली गिरने की संभावना है।












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