कोरोना पॉजिटिविटी रेट और मृत्युदर में हमारी स्थिति बेहतर, तेजी से टेस्टिंग जरूरी: स्वास्थ्य मंत्रालय
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को अपनी प्रेस वार्ता में कहा कि देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन मौत की दर और पॉजिटिविटी रेट की स्थिति दूसरे देशों की तुलना में बेहतर है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ओसडी राजेश भूषण ने कहा, कोरोना के बढ़ते मामलों को कम करने के लिए टेस्टिंग बहुत जरूरी है। हमारा लक्ष्य पॉजिटिविटी रेट को 5 फीसदी से कम रखना है। देश में प्रति लाख मृत्यु दर दुनिया की तुलना में काफी कम है। देश में मृत्यु दर घटकर अब 2.43 फीसदी हो गई है। फिलहाल 4 लाख लोग अभी भी संक्रमित हैं। अगर प्रति 10 लाख जनसंख्या पर मृत्यु दर को देखें तो यह भारत में 20.4 है। यह भी विश्व में सबसे कम मृत्यु दरों में से है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने छिद्रयुक्त श्वासयंत्र (वॉल्व्ड रेस्पिरेटर) लगे एन-95 मास्क को लेकर कहा है कि जो व्यक्ति इसे पहनता है वो तो सुरक्षित है लेकिन इससे दूसरे को संक्रमण का खतरा है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, भारत में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां कि पॉजिटिविटी भारत की औसत पॉजिटिविटी से कम है। वर्तमान में हम भारत में हम प्रति दिन प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 180 टेस्ट कर रहे हैं। 19 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 10 लाख की आबादी पर प्रतिदिन 140 से अधिक टेस्ट कर रहे हैं। राजेश भूषण ने बताया, भारत में आज 10 लाख जनसंख्या पर कोरोना मामलों की संख्या 837 है जो विश्व के बड़े देशों की तुलना में काफी कम है, कुछ देश तो ऐसे हैं जहां भारत की तुलना में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 12 या 13 गुणा मामले हैं। देश में वास्तविक कोविड सक्रिय मामलों का आकड़ा 4,02,529 है, दूसरी तरफ 7,24,000 के लगभग लोग पूरी तरह ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं, हमें सक्रिय मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
नेशनल सेंटर आफ डिसिज कंट्रोल के निदेशक डॉक्टर संजीव कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में दिल्ली की स्थिति के बारे में बताया कि दिल्ली में वायरस का सामान्य प्रसार देखने के लिए सीरो सर्वे किया गया। संक्रमितों के शरीर में बने एंटी बॉडी का असर कब तक रहेगा, यह कहना अभी मुश्किल है। करीब छह महीने में 22.86 फीसदी लोग ही इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। दिल्ली में 77 फीसदी जनता के लिए भी संक्रमण का जोखिम काफी ज्यादा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के 11 में से 8 जिलों में 20 फीसदी से अधिक सीरो-प्रचलन है। मध्य, उत्तर-पूर्व, उत्तर और शाहदरा जिलों में लगभग 27 प्रतिशत का सीरो-प्रचलन है। दिल्ली में बेहतर कंटेनमेंट और टेस्टिंग से कोरोना के प्रसार को कम करने में मदद मिलेगी।












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