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हरियाणा में कितना मजबूत होगा BSP-INLD गठबंधन? भाजपा या कांग्रेस में से किसको ज्यादा नुकसान?

Haryana Vidhan Sabha Chunav: हरियाणा में इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) में गठबंधन का औपचारिक एलान हो गया है। दोनों ही पार्टियां अक्टूबर में होने वाले हरियाणा विधनसभा चुनाव में मिलकर लड़ेंगी और इन्होंने सीटों के बंटवारे की भी घोषणा कर दी है।

चंडीगढ़ में इनेलो के महासचिव अभय चौटाला और बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने इस गठबंधन का एलान किया, जिसकी अगुवाई चौटाला करेंगे।

bsp inld alliance

हरियाणा में इनेलो-बसपा में गठबंधन के बाद सीटों का बंटवारा
हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं। इनमें से 53 सीटों पर इनेलो और 37 सीटों पर बसपा चुनाव लड़ेगी। इस दौरान चौटाला ने दावा किया है कि उनका गठबंधन हरियाणा में विधानसभा चुनावों के बाद गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेसी सरकार बनाएगा। जबकि, आकाश आनंद ने कहा है अभय चौटाला गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।

हरियाणा में तीसरी बार साथ आए आईएनएलडी और बीएसपी
ऐसा तीसरी बार हो रहा है कि हरियाणा में आईएनएलडी और बीएसपी के बीच चुनावी गठबंधन हुआ है। सबसे पहले ये दोनों दल 1996 में साथ आए थे। 1998 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने तीन सीटों पर भाग्य आजमाया था और एक पर इन्हें सफलता भी मिली थी।

कई दल पहले से ही हमारे संपर्क में हैं-इनेलो
पिछले 6 जुलाई यानी शनिवार को ही अभय चौटाला ने लखनऊ में बीएसपी सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की थी और तभी गठबंधन पर सैद्धांतिक मुहर लग गई थी।

इस मुलाकात को लेकर इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपल माजरा ने कहा था, 'सभी गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेसी दलों को एकजुट होकर अभय चौटाला के हाथों को मजबूत करना चाहिए, जो कि किसानों और मजदूर वर्ग के हितैषी हैं।' उन्होंने यहां तक दावा किया था, 'ऐसे कई दल पहले से ही हमारे संपर्क में हैं।'

2019 में चुनावों से पहले दूसरी बार टूटा था गठबंधन
इससे पहले दोनों दल 2018 में भी साथ आए थे। तब आईएनएलडी हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी हुआ करती थी। लेकिन, 2019 के लोकसभा और विधानसा से पहले फरवरी में ही इनका गठबंधन दूसरी बार टूट गया था। इस दौरान चौटाला परिवार में उथल-पुथल चल रहा था और अभय सिंह चौटाला के बड़े भाई अजय सिंह चौटाला और उनके बेटे दुष्यंत चौटाला ने जन नायक जनता (JJP) बना ली थी।

2024 के लोकसभा चुनावों में कैसा रहा दोनों का प्रदर्शन
लेकिन, अगर पिछले लोकसभा चुनावों और 2019 के विधानसभा चुनावों में हरियाणा में दोनों दलों के प्रदर्शन को देखें तो इनके गठबंधन से भी राज्य के राजनीतिक समीकरण पर कोई बहुत बड़ा असर पड़ेगा, इसकी संभावना फिलहाल नहीं लग रही है।

2024 के लोकसभा चुनावों में बीएसपी राज्य की 10 सीटों में से 9 पर लड़ी है और इनेलो ने 7 सीटों पर भाग्य आजमाया है। इन दोनों दलों का खाता तो नहीं ही खुल पाया, वोट शेयर भी काफी निराशाजनक रहा। बसपा को मात्र 1.28% वोट मिले, जबकि आईएनएलडी को 1.74% वोट आए हैं।

2019 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में कैसा रहा
वहीं 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में बीएसपी ने 90 में से 87 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे और पार्टी को कुल 4.14% वोट मिले थे। जबकि, आईएनएलडी ने 81 सीटों पर दांव आजमाया था और मात्र 2.44% वोट जुटा पाई थी।

भाजपा या कांग्रेस में से किसको ज्यादा नुकसान?
इन दोनों दलों में चौटाला की पार्टी की उम्मीदें विशेष रूप से जाट वोट बैंक पर निर्भर है, जबकि बसपा का जनाधार ही दलित वोट बैंक है। पिछले लोकसभा चुनावों में इन दोनों वर्गों का वोट हरियाणा में ज्यादातर कांग्रेस के पक्ष में जाता देखा गया है।

ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों में इस नए सियासी समीकरण से प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस के लिए स्थिति थोड़ी कठिन बन सकती है। लेकिन, यह भी कुछ खास सीटों पर ही होने की संभावना है।

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