अभिलाषा बराक: US की नौकरी छोड़ ज्वाइन की थी इंडियन आर्मी, बनी देश की पहली महिला कॉम्बैट पायलट
नई दिल्ली, 25 मई: भारतीय सेना के विमानन इतिहास का आज स्वर्णिम दिन है। भारतीय सेना को हाल ही में आर्मी एविएशन कार्प्स के रूप में पहली महिला अधिकारी मिली है। कैप्टन अभिलाषा बराक को कॉम्बैट एविएटर के तौर पर आर्मी में शामिल किया गया है। इस मुकाम तक पहुंचने वाली वो पहली महिला अधिकारी हैं। सेना ने बुधवार को उन्हें सम्मानित किया। अभिलाषा बराक को डायरेक्टर जनरल और कर्नल कमांडेंट आर्मी एविएशन द्वारा 36 आर्मी पायलटों के साथ प्रतिष्ठित विंग्स से सम्मानित किया गया।

देश की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर
कैप्टन अभिलाषा बराक पहली सफल महिला अधिकारी बन गयीं हैं, जो सेना के उड्डयन कमान में शामिल हुई हैं। उन्होंने यह उपलब्धि कॉम्बैट आर्मी एविएशन पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद हासिल किया है। कैप्टन बराक हरियाणा की रहने वाली हैं और सितंबर 2018 में उन्हें सेना के हवाई रक्षा कोर में कमीशन मिला था। वह कर्नल (अवकाश प्राप्त) एस ओम सिंह की बेटी हैं। सेना ने कैप्टन अभिलाषा बराक की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को इंडियन आर्मी एविएशन के इतिहास में 'गोल्डेन लेटर डे' करार दिया गया है।

अमेरिका की नौकरी छोड़ सेना में हुईं भर्ती
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कैप्टन बराक द लॉरेंस स्कूल सनावर के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने 2016 में दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। जिसके बाद उन्हें अमेरिका में नौकरी ऑफर हुई थी। इसके बाद उन्होंने सेना में जाने का फैसला किया। 2018 में, उन्हें अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी चेन्नई से भारतीय सेना में चुना गया था।

राष्टपति से मिल चुका है बड़ा सम्मान
अभिलाषा के कोर ऑफ आर्मी एयर डिफेंस के साथ अपने लगाव चलते उन्हें राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा सेना वायु रक्षा के लिए रंगों की प्रस्तुति के लिए एक कंटेंजेंट कमांडर के रूप में चुना गया था। उन्होंने आर्मी एयर डिफेंस यंग ऑफिसर्स कोर्स में 'ए' ग्रेडिंग, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और एयर लॉज़ कोर्स में 75.70 प्रतिशत अंक हासिल किया और अपने पहले प्रयास में प्रमोशनल परीक्षा, पार्ट बी पास की।

2018 में आर्मी एविएशन कॉर्प्स में चुनी गईं
इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि, 2018 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई से अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मैंने आर्मी एविएशन कॉर्प्स को चुना। जब मैं फॉर्म भर रही थी, मुझे पता था कि मैं केवल ग्राउंड ड्यूटी भूमिका के लिए योग्य हूं, लेकिन मैंने यह मॉनिटर करना बंद कर दिया कि मेरे पास पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट और कम्प्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली है। मेरे दिल में कहीं न कहीं था, मुझे हमेशा से पता था कि वह दिन दूर नहीं जब भारतीय सेना महिलाओं को लड़ाकू पायलटों के रूप में शामिल करना शुरू करेगी।
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15 महिला में से सिर्फ 2 ने पास कर पाया ये टेस्ट
सेना के अधिकारी ने बताया कि कैप्टन अभिलाषा ने सेना के उड्डयन में शामिल होने से पहले कई सैन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों को पूरा किया था। कैप्टन अभिलाषा बराक को आर्मी के 36 पायलट्स के साथ कोवेटेड विंग्स प्रदान किया गया। इन पायलट्स को डायरेक्टर जनरल एंड कर्नल कमांडेंट आर्मी एविएशन ने विंग्स प्रदान किए। सेना के अनुसार 15 महिला अधिकारियों ने आर्मी एविएशन में शामिल होने की इच्छा जताई थी, हालांकि केवल दो अधिकारियों का ही पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट एवं मेडिकल के बाद चयन हो पाया है।

अब युद्ध में दुश्मन से करेगीं मुकाबला
वायु सेना की फ्लाइंग ऑफिसर अवनि चतुर्वेदी साल 2018 में लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थी। अब अभिलाषा ने कॉम्बैट एविएटर बनकर भारतीय सेना के इतिहास में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा दिया है। फिलहाल एविएशन डिपार्टमेंट में महिलाओं को एयर ट्रैफिक कंट्रोल और ग्राउंड ड्यूटी की जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन अब ये पायलट की जिम्मेदारी संभालेंगी।