हरियाणा सीएम खट्टर के लिए खतरा बने उनके अपने एमपी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) मनोहर लाल खट्टर और अश्वनी मिन्ना दोनों पंजाबी हैं। खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं। उनका संबंध करनाल जिला से है। उधर, मिन्ना करनाल से सांसद हैं लोकसभा के। वैसे वे पंजाब केसरी अखबार के संपादक और मालिक भी हैं। हरियाणा में पंजाब केसरी की खासी पकड़ है।
पर ये खबर नहीं है। खबर ये है कि मिन्ना अपने ही मुख्यमंत्री को कोसने से लेकर खींचने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते। अब मिन्ना कह रहे हैं कि खट्टर ने कोशिश की होती तो करनाल को एयरपोर्ट मिल जाता। वे तो इस बाबत कोशिश कर रहे थे। उनका खट्टर पर ये भी आरोप है कि वे भ्रष्ट अफसरों से घिरे हैं। बीच-बीच में मिन्ना ये भी कहते हैं कि खट्टर खुद बेहतर इंसान हैं।
भाई बताती
मिन्ना तो खट्टर को खींचते हैं, पर उनकी पत्नी खट्टर को अपना भाई बताती है। इस हरियाणा की सियासत पर नजर ऱखने वाले भी कंफ्यूज हो जाते हैं।
आरोप ही आरोप
मिन्ना का ये भी आरोप रहता है कि खट्टर उनकी सलाह नहीं लेते करनाल के विकास की बाबत। उधऱ खट्टर ने चुप रहने का फैसला सा किया हुआ है। उन पर भले ही कोई कितने वार करे, वे चुप रहते हैं। अगर उनके दल का कोई नेता उन्हें ललकारे या आरोप लगाए तो वे चुप हो जाते हैं। वे अपने को पार्टी का निष्ठावान और अनुशासित कार्यकर्ता ही बताते हैं।
पर कहने वाले कह रहे हैं अश्वनी मिन्ना के लगातार हमलों से खट्टर अब परेशान हो गए हैं। उन्होंने इस बाबत हाल ही में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू से मिन्ना की दबे स्वर में शिकायत भी की। नायडू को खट्टर अपना रहनुमा मानते हैं पार्टी में। अब देखिए कि क्या खट्टर पर मिन्ना के वार बंद होंगे।













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