Haryana Chunav Result: हरियाणा में ऐसा क्या हुआ जो यूपी में नहीं हुआ था?
Haryana Chunav Result News In Hindi: हरियाणा विधानसभा चुनाव का परिणाम आ चुका है। बीजेपी ने बाजी मारते हुए 90 सीटों में कुल 48 सीटें हासिल की हैं। बीजेपी हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनाएगी। जनता का भरोसा पार्टी ने जीता है। हरियाणा चुनाव की तुलना अगर हम उत्तर लोकसभा चुनाव से करें तो यह पाते हैं कि बीजेपी उतना अच्छा प्रदर्शन यूपी में नहीं कर पाई थी जितना हरियाणा में की है। आखिर हरियाणा में ऐसा क्या हुआ जो यूपी में नहीं हुआ?
हरियाणा चुनाव में शानदार प्रदर्शन की रहीं ये वजहें
कार्यकर्ताओं का जमीनी स्तर पर काम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य किया। एक एक व्यक्ति तक पहुंचना और सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में बताना असरदार रहा।

अति आत्मविश्वास से दूर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इस चुनाव में खुद को अति आत्मविश्वास से दूर रखा। विश्वास की भावना से लगातार प्रयास किया।
हार की आशंका के बीच लोगों पर भरोसा हरियाणा में इस बार चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनने की चर्चा जोरों पर थी। यह लग रहा था कि इस बार यहां सत्ता परिवर्तन होगा। इन सब के बीच बीजेपी ने हिम्मत नही हारी और अपनी योजना पर कार्य करते रहे।
कोर वोटरों की मतदान में रुचि इस चुनाव में हरियाणा में बीजेपी के कोर वोटरों ने मतदान में रुचि दिखाई और जमकर वोट किया। ये वोटर प्रदेश में कोई हो पीएम मोदी के चेहरे पर वोट करते हैं।
सैनी जनता का बने चेहरा पार्टी ने चुनाव से कुछ माह पूर्व मनोहर लाल की जहां नवाब सिंह सैनी को रिप्लेस किया। जिसका फायदा पार्टी को चुनाव में मिला। खट्टर बेहतर कार्य करने के बाद भी जनता का चेहरा नहीं बन पाए जबकि सैनी जनता का चेहरा बने।
यूपी में हार की रही थीं ये वजहें उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी और सीएम योगी के ताबड़तोड़ प्रचार के बाद भी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी नहीं बनी। यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से बीजेपी और उसकी सहयोगियों को 36 सीटें मिली थी जबकि इंडिया गठबंधन को 43 सीटें मिली थी।
कार्यकर्ताओं का अति आत्मविश्वास
उत्तर लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ता अति आत्म विश्वास में थे। उन्हें ये लगता था कि पीएम मोदी और सीएम योगी के चेहरे के भरोसे हम सबसे बड़ी पार्टी के रूप में आयेंगे।
जमीनी स्तर पर काम में कमी
इसी आत्म विश्वास में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जमीनी स्तर पर उतना काम नही किया जो वोट में तब्दील हो सके।
कोर वोटर का घरों से न निकला
उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव ने बीजेपी के कोर वोटरों ने भी बहुत रुचि नहीं दिखाई थी। भारी संख्या में इन वोटरों ने मतदान नहीं किया था।
जाट, किसानों और खिलाड़ियों में आक्रोश इसके साथ ही लोकसभा चुनाव से पूर्व पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान नेता, जाट और पहलवान खिलाड़ियों ने भी बीजेपी से असंतोष जताया था। जिसका असर देखने को मिला।
टिकट बंटवारा
प्रत्याशियों का टिकट बंटवारा भी सीट कम होने की वजहों में रहा । टिकट बंटवारे को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार में मतभेद की स्थित थी।
बीजेपी की क्षेत्रीय मंत्री एसटी मोर्चा सोनिका खरवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने जनता को सिर्फ भ्रमित करने का काम किया। कभी जाति के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर। संविधान खतरे में है यह प्रचारित किया जा रहा है। लेकिन हरियाणा की जीत ने यह साबित कर दिया है कि जनता पीएम मोदी के कार्यों को मानती है। इनके सभी धर्मो और सभी जातियों के विकास कार्य को मुहर लगती है। पीएम मोदी ने देश के लिए जो सपना देखा है जनता उसके साथ है।
गोरखपुर बीजेपी के महानगर उपाध्यक्ष बृजेश मणि मिश्रा कहते हैं कि लोकसभा चुनाव में जनता को संविधान के नाम पर भ्रमित किया गया। संविधान को खतरे में बताया गया। जिससे जनता थोड़ी भ्रमित हुई लेकिन जनता ने सच का साथ देते हुए भाजपा पर भरोसा कायम रखा है।












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