हरियाणा विधानसभा चुनाव में 52 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति
चंडीगढ़।| हरियाणा में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विकास के दावे को लेकर विपक्ष में भले ही विवाद हो, लेकिन राज्य में सभी पार्टियों के शीर्ष नेताओं की संपत्ति में पिछले पांच सालों में जबर्दस्त वृद्धि देखी गई है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) के एक अध्ययन के अनुसार, 2009 के विधानसभा चुनाव के विपरीत, जब सिर्फ 32 फीसदी उम्मीदवार ही करोड़पति थे, 15 अक्टूबर के चुनाव में जोर आजमाइश कर रहे 52 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं।
एडीआर के जगदीप चोखर ने बताया, "2009 के विधानसभा चुनाव में 380 उम्मीदवार करोड़पति थे, यह संख्या इस बार 563 है।" पार्टी के आधार पर यह आंकड़ा देखें, तो कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) के पास सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार हैं। इनमें से प्रत्येक के पास घोषित राशि कम से कम एक करोड़ रुपये से ऊपर है।
90 सदस्यीय विधानसभा के लिए हो रहे चुनाव में कांग्रेस के 90 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। भाजपा के 86 फीसदी और आईएनएलडी के 82 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं।
दोबारा चुनाव लड़ रहे 67 विधायकों की संपत्ति में औसतन 156 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2009 के चुनाव में इन नेताओं के पास 7.30 करोड़ रुपये थे, जो अब 18.71 करोड़ रुपये हो गए हैं। पिछले पांच सालों में इनकी संपत्ति 11.41 करोड़ रुपये बढ़ गई है।
इन उम्मीदवारों में महेंद्रगढ़ जिले के रवि चौहान और अनिता चौहान के पास 212-212 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसके बाद जन चेतना पार्टी (जेसीपी) की उम्मीदवार शक्ति रानी (पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी) के पास 166 करोड़ रुपये, विनोद शर्मा के पास 153 करोड़ रुपये, पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के पास 114 करोड़ रुपये और देश की सबसे अमीर महिला सावित्री जिंदल के पास 113 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
एडीआर के अनुसार, उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2009 के 2.05 करोड़ रुपये की तुलना में 4.54 करोड़ रुपये है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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