जाधव के केस में Pakistan को पटखनी देने वाले हरीश साल्वे को महारानी एलिजाबेथ ने बनाया अपना वकील
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लंदन। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में कुलभूषण जाधव का केस लड़कर पाकिस्तान को पटखनी देने वाले देश के जाने-माने वकील हरीश साल्वे को क्वीन काउंसल (क्यूसी) नियुक्त किया गया है। क्यूसी की नियुक्ति महारानी एलिजाबेथ की तरफ से की जाती है। महारानी ने उन्हें इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों के लिए अपना वकील नियुक्त किया है। क्यूसी की नियुक्ति में महारानी कॉमनवेल्थ देशों से कुछ सीनियर एडवोकेट्स का सेलेक्शन करती हैं। इस बार हरीश साल्वे का नाम इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।

वाजपेयी सरकार में रह सॉलिसिटर जनरल
बार एंड बेंच की तरफ से गुरुवार को इसकी जानकारी दी गई है। क्यूसी का टाइटल उन एडवोकेट्स को दिया जाता है जिन्होंने वकालत के प्रोफेशन में अपनी महारत और क्षमता का प्रदर्शन किया हो। साल्वे और बाकी दूसरे एडवोकेट्स की आधिकारिक नियुक्ति 16 मार्च को क्यूसी के तौर पर होगी। उस समय लॉर्ड चांसलर वेस्टमिंस्टर हॉल में इस नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। हरीश साल्वे, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में नवंबर 1999 से नवंबर 2002 तक देश के सॉलिसिटर जनरल के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान समय में वह ब्लैकस्टोन चैंबर्स में बैरिस्टर के पद पर हैं।
16 मार्च को आधिकारिक नियुक्ति
ब्रिटिश सरकार के न्याय विभाग की ओर से इस पर एक जारी प्रेस रिलीज भी जारी की गई है। इसमें कहा गया है, 'महारानी ने आज अपने 114 वकीलों को बतौर क्वीन काउंसल (क्यूसी) नियुक्त किया है। ये उपाधि उन सभी सीनियर एडवोकेट्स को दी जाती है जो वकालत के क्षेत्र में शानदार काम करते हैं। इन 114 से इतर महारानी ने 10 वकीलों को सम्मानित करने का भी ऐलान किया है।' ब्रिटिश की महारानी की ओर से 16 मार्च को एक समारोह में सभी से सम्मानित किया जाएगा। क्यूसी के लिए किसी एडवोकेट के पास 15 के अनुभव के अलावा बैरिस्टर के तौर पर काम करने का एक्सपीरियंस होना चाहिए।

जाधव के केस में पाक ने खाई थी मुंह की
हरीश साल्वे, देश के कुछ बड़े और मशहूर वकीलों में से एक हैं। मई 2017 और फिर जुलाई 2019 में उन्होंने आईसीजे में जाधव का केस लड़ा था। करोड़ों रुपए की फीस लेने वाले साल्वे ने जाधव के केस के लिए बस एक रुपए फीस ली थी। अपने तर्कों से साल्वे ने पाकिस्तान के प्रयासों को एक के बाद एक करके विफल कर दिया था। साल्वे ने पिछले दिनों भारत की आर्थिक मंदी के लिए सुप्रीम कोर्ट को जिम्मेदार ठहराया था। साल्वे ने कहा था कि मंदी की शुरुआत 2012 में ही हो गई थी जब सुप्रीम कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम केस में टेलिकॉम ऑपरेटरों के 122 स्पेक्ट्रम लाइसेंस कैंसिल कर दिए थे।

देश के कई हाई प्रोफाइल केस में वकील
साल्वे, देश के एक ऐसे वकील हैं जिन्होंने मुलायम सिंह यादव से लेकर प्रकाश सिंह बादल और मुकेश अंबानी जैसे हाई-प्रोफाइल केस लड़े हैं। साल्वे यूं तो अपने क्षेत्र के मशहूर व्यक्ति हैं लेकिन उनका नाम पहली बार देश की आम जनता ने उस समय सुना जब मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच जारी एक विवाद में उन्हें जीत हासिल हुई। साल्वे उस समय अपनी फीस की वजह से ही चर्चा में आए थे। साल्वे एक दिन के 30 लाख रुपए बतौर फीस चार्ज करते हैं।












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