Lockdown लगेगा या नहीं! सरकार ने दिया सबसे बड़ा अपडेट! देश में Petrol Diesel कमी पर क्या बोले हरदीप पुरी?
Hardeep Singh Puri Clarifies No Lockdown Planned in India: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट (Global Energy Crisis) पैदा कर दिया है। इस बीच सोशल मीडिया पर LPG सिलेंडर की किल्लत और 'देशव्यापी लॉकडाउन' की उड़ती अफवाहों ने आम जनता की नींद उड़ा दी है। लेकिन अब इन डरावनी खबरों पर खुद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मोर्चा संभाला है।
उन्होंने साफ शब्दों में 'X' (ट्विटर) पर इन अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश को गुमराह करने वाली साजिश करार दिया है।

मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, 'लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वैश्विक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है, और हम ऊर्जा, सप्लाई चेन और ज़रूरी वस्तुओं से जुड़े हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।'
भारत के पास अभी कितना है स्टॉक?
मंत्री ने देशवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में ईंधन, ऊर्जा और अन्य आवश्यक चीज़ों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे। उन्होंने आगे बताया, 'भारत ने पहले भी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अपनी मज़बूती दिखाई है, और आगे भी हम समय पर, सक्रिय और समन्वित तरीके से कदम उठाते रहेंगे। हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।'
अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी
सोशल मीडिया पर डर का माहौल बनाने वालों को टोकते हुए पुरी ने कहा, 'ऐसे समय में ज़रूरी है कि हम सभी शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें। इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है।' सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की 'पैनिक बाइंग' (डर में सामान जमा करना) की जरूरत नहीं है।
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मची उथल-पुथल के कारण पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों ने आग लगा दी है। जहां अमेरिका, यूरोप और पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, वहीं भारत सरकार ने देश के नागरिकों को इस 'महंगाई बम' से बचाने के लिए एक बड़ा और साहसी फैसला लिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव का बोझ जनता पर डालने के बजाय सरकार खुद अपने खजाने पर उठाएगी।
आखिर क्यों पूरी दुनिया में मच गया है हाहाकार?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर डेटा साझा करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसका असर यह हुआ कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में तेल की कीमतें 50% तक बढ़ गईं, उत्तरी अमेरिका में 30% और यूरोप में 20% का इजाफा हुआ।
मंत्री ने कहा कि भारत के पास भी दो ही विकल्प थे-या तो दुनिया की तरह कीमतें बढ़ा दी जाएं, या फिर नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार खुद नुकसान सहे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने दूसरा रास्ता चुना।
सरकार कैसे रोक रही है बढ़ती कीमतें?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें इतनी ज्यादा हैं, तो भारत में दाम स्थिर कैसे हैं? मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का भारी नुकसान हो रहा है। इस नुकसान का बोझ आम जनता की जेब पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने अपने टैक्स राजस्व (Tax Revenue) पर भारी बोझ उठाने का फैसला किया है। यह कदम रूस-यूक्रेन संघर्ष के समय से चली आ रही सरकार की उसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखा गया है।
क्या अब विदेशों में तेल बेचना होगा महंगा?
तेल की घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कंपनियों के मुनाफे को बैलेंस करने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मंत्री ने जानकारी दी कि अब निर्यात कर (Export Tax) लगा दिया गया है। इसका मतलब यह है कि चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बहुत ज्यादा हैं, इसलिए कोई भी रिफाइनरी जो भारत के बजाय विदेशों में पेट्रोल-डीजल निर्यात करेगी, उसे भारी टैक्स चुकाना होगा। इस 'साहसी और दूरदर्शी' फैसले के लिए पुरी ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है।












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