हापुड़ लिंचिंग: पीडित पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, यूपी के बाहर केस की सुनवाई कराने की मांग
हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुआ में कुछ लोगों ने 'गोकशी' के शक में कासिम नामक एक मुस्लिम शख्स को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था जबकि दूसरे साथी को बुरी तरह से घायल कर दिया था। वहीं, अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में दायर याचिका में वकील ने कोर्ट से माामले की सुनवाई जल्द से जल्द करने की मांग की है। जबकि याचिकाकर्ता समयुद्दीन याचिका दायर कर कोर्ट से मांग की है कि इस मामले की सुनवाई यूपी से बाहर की जाए और आरोपियों की जमानत रद्द की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए सोमवार का दिन तय किया है।
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गोकशी के शक हुई थी हत्या
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, इस मामले में दर्ज एफआईआर में भी कमियां सामने आई थीं और पुलिस ने इसे रोड रेज का मामला बताया था। जबकि आरोपियों और पीड़ित ने इसे गोकशी के शक में किया गया हमला बताया था। हापुड़ में 18 जुन को कासिम नामक एक मुस्लिम शख्स को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में जमानत पाए एक आरोपी राकेश सिसोदिया का कहना था है कि वो घटना के वक्त मौजूद ही नहीं था और उसका कोई रोल नहीं है।

राकेश ने क्या कहा जेलर से?
जबकि एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, राकेश ने जेलर से कहा था कि वो लोग गाय को काट रहे थे इसलिए मैंने उसे काट दिया। बताया जा रहा है कि राकेश का गांव में हीरो की तरह स्वागत हुआ था। उसे अफसोस नहीं है जो कुछ उसने किया। कासिम पानी मांग रहा था तब उसको बोला कि तूने मरती गायों को पानी नहीं दिया, तुझे भी पानी नहीं मिलेगा। मेरी फौज तुझे छोड़ेगी नहीं।

मॉब लिंचिंग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
बता दें कि गोकशी के शक में हाल ही में राजस्थान में भी रकबर खान की भीड़ ने पिटाई की थी जिसकी बाद में मौत हो गई थी। मॉब लिंचिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकारों को कानून बनाने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने का आदेश दिया है लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम अभी निकलते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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