Gujrat News: CWC की मीटिंग में गरजे मल्लिकार्जुन खरगे, कहा- "पटेल की विचारधारा RSS के विचारों के विपरीत थी"
Gujrat News: गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरदार पटेल RSS की विचारधारा के खिलाफ थे। इस दो दिवसीय बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कई सीनियर नेता मौजूद हैं।
पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गुजरात की धरती पर पैदा हुई तीन महान हस्तियों ने कांग्रेस का नाम दुनिया भर में रोशन किया। दादा भाई नौरोजी, महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल- ये सभी हमारी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं।

150 वीं जयंती हम लोग देश भर में पूरे उल्लास से मनाएंगे: मल्लिकार्जुन खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा इसी साल 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 150 वीं जयंती है। नेहरू जी उनको "भारत की एकता का संस्थापक" कहते थे। उनकी 150 वीं जयंती हम लोग देश भर में पूरे उल्लास से मनाएँगे। गांधीजी के नेतृत्व में जैसे चम्पारण सत्याग्रह सफल रहा था और उसने गांव-गांव में कांग्रेस की जड़ो को जमाने में मदद की वैसे ही गुजरात में सरदार पटेल के नेतृत्व में चला बारडोली सत्याग्रह और दूसरे किसान आंदोलन इतिहास में अमर हैं।
"राष्ट्रीय नायकों को लेकर एक सोचा समझा षड्यंत्र चलाया जा रहा है"
मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले कई सालों से कई राष्ट्रीय नायकों को लेकर एक सोचा समझा षड्यंत्र चलाया जा रहा है। 140 सालों से देश में सेवा और संघर्ष के गौरवशाली इतिहास वाली कांग्रेस पार्टी के खिलाफ वातावरण बनाया जा रहा है। ये काम वे लोग कर रहे है जिनके पास अपनी उपलब्धियां दिखाने को कुछ भी नहीं है। आजादी को लड़ाई में अपना योगदान बताने को कुछ भी नहीं है।
सच्चाई ये है कि वो एक सिक्के के दो पहलू थे: मल्लिकार्जुन
वे सरदार पटेल और पंडित नेहरू के संबंधों को ऐसा दिखाने का षडयंत्र करते हैं जैसे दोनों नायक एक दूसरे के खिलाफ थे। जबकि सच्चाई ये है कि वो एक सिक्के के दो पहलू थे। तमाम घटनाएं और दस्तावेज इनके मधुर संबंधों की गवाह हैं।
सरदार पटेल ने 7 मार्च 1937 को कहा कि "जिस दिन गुजरात इस चुनाव आंदोलन में विजयी बन कर कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी साबित कर देगा उस दिन हम कांग्रेस अध्यक्ष नेहरू जी का फूलों से स्वागत करेंगे और ह्रदय बिछा कर उनकी आगवानी करेंगे।" नेहरू जी से सरदार कितना स्नेह करते थे आप इससे समझ सकते हैं।
"दोनों के बीच लगभग रोज़पत्र-व्यवहार होता था"
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा 14 अक्तूबर 1949 को सरदार पटेल ने नेहरू जी के अभिनंदन ग्रंथ में कहा था कि "पिछले दो कठिन सालों में नेहरू जी ने देश के लिए जो अथक परिश्रम किया है, वो मुझसे अधिक अच्छी तरह कोई नहीं जानता है। मैंने इस दौरान उनको भारी भरकम उत्तरदायित्व के भार के कारण बड़ी तेजी के साथ बूढे होते देखा है।"
ये बातें Public record में दर्ज है। दोनों के बीच लगभग रोज़पत्र-व्यवहार होता था। नेहरू जी तमाम विषयों में उनकी सलाह लेते थे। पटेल साहब के प्रति नेहरूजी के मन में अपार आदर था। उनको कुछ सलाह लेनी होती तो वे खुद पटेल जी के घर जाते थे। पटेल जी की सुविधा के लिए CWC की बैठकें उनके निवास पर रखी जाती थीं।
सरदार पटेल की विचारधारा RSS के विचारों के विपरीत थी: खरगे
खरगे ने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि सरदार पटेल की विचारधारा RSS के विचारों के विपरीत थी। उन्होने तो RSS पर बैन लगा दिया था। लेकिन हँसी आती है कि आज उस संस्था के लोग सरदार पटेल की विरासत पर दावा करते हैं।












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