गुजरात में नरेंद्र मोदी की सीट से खड़ी ये खूबसूरत 'मॉडल' बुरी तरह हार रही है
नई दिल्ली। गुजरात में वोटिंग जारी है। सामने आए रुझानों ने जहां एक ओर बीजेपी की जीत सुनिश्चित कर दी है वहीं गुजरात विधानसभा की कई ऐसी महत्वपूर्ण सीटें है जिन पर सभी की नजर है। ऐसी ही एक सीट है अहमदाबाद की मणिनगर सीट, जहां से देश के देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी जीतकर मुख्यमंत्री बने। मणिनगर ही वह सीट है जहां से नरेंद्र मोदी ने तीन बार जीत हासिल की। जाहिर है कि ये सीट महत्वपूर्ण होने के साथ सात पीएम नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठा का भी प्रश्न थी। लेकिन इस सीट को लाइमलाइट में लाने के लिए कांग्रेस की खूबसूरत कैंडीडेट की भी अहम भूमिका रही। यूनाइटेड किंगडम की वेस्टमिंस्टर बिजनेस स्कूल से मास्टर्स और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई करने वाली मणिनगर सीट की कांग्रेस की कैंडीडेट श्वेता ब्रह्मभट्ट इस सीट से चुनाव लड़ रही थीं। जाने क्या रहा उनका वोटिंग स्टेटस

नहीं चल पाया खूबसूरती का जादू
2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने खूब चुनाव प्रचार किया। दोनों पार्टी के नेताओं ने अपनी ताकत झोंक दी लेकिन नतीजा बीजेपी के पक्ष में गया। इस दौरान एक सीट पर सबकी नजर थी। ये सीट थी मणिनगर। मणिनगर अहमदाबाद की वो सीट है, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन बार जीतकर विधानसभा पहुंचे और मुख्यमंत्री बने। मोदी जब 2014 में प्रधानमंत्री बने तो इस सीट से बीजेपी के सुरेश पटेल ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने इस बार सुरेश पटेल के सामने मॉडल सी दिखने वाली श्वेता ब्रह्मभट्ट को चुनावी मैदान में उतारा थी, लेकिन अफसोस उनकी खूबसूरती का जादू मणिनगर के वासियों पर नहीं चला। बता दें कि श्वेता यहां के बाजेपी प्रत्याशी से 75 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रही हैं।

खूबसूरती देख सब समझ लेते थे मॉडल
श्वेता के पिता नरेंद्र ब्रह्मभट्ट शहर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे हैं। उनकी कांग्रेस में अच्छी पकड़ है। श्वेता ने यूनाइटेड किंगडम की वेस्टमिंस्टर बिजनेस स्कूल से मास्टर्स और आईआईएम बेंगलुरु से ‘इंडिया-वुमन इन लीडरशिप' की पढ़ाई की है। लोग श्वेता को देखकर मॉडल समझ लेते हैं, लेकिन उन्होंने बाकायदा राजनेता बनने का प्रशिक्षण हासिल किया है। श्वेता ने भारत की कई कपंनियों में इनवेस्टमेंट बैंकर के रूप में काम किया है।

ये सीट क्यों है महत्वपूर्ण
अहमदाबाद की मणिनगर विधानसभा सीट राजनैतिक नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। वो इसलिए क्योंकि इसी सीट से नरेंद्र मोदी जीत कर पहले मुख्यमंत्री बाद में प्रधानमंत्री बने। पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी के सुरेश पटेल ने यहां से जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के दिन्शा पटेल को 87 हजार से अधिक वोटों से मात दी थी। इस बार भी इस सीट से बीजेपी का वर्चस्व जरा भी कम नहीं हुआ है। इस बार भी बीजेपी के सुरेश पटेल ने कांग्रेस की श्वेता ब्रह्मभट्ट को हजारों वोटों से हरा दिया है।

आरएसएस का कार्यालय है यहां
पीएम की पूर्व विधानसभा सीट होने के साथ-साथ मणिनगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का राज्य मुख्यालय है। ऐसे में कांग्रेस को यहां जगह बनाना आसान नहीं था। 1990 से इसे बीजेपी का ऐसा गढ़ माना जाता है जिसमें सेंध लगाना लगभग असंभव है। 1990 से 1998 तक बीजेपी के कमलेश पटेल सीट पर काबिज थे। 2007 से 2014 तक नरेंद्र मोदी इस सीट से विधायक थे। मोदी की पुरानी सीट होने की वजह से भी स्थानीय लोगों को जुड़ाव महसूस होता है।












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