गुजरात चुनाव: मोदी की सीटों का गणित बिगाड़ सकते हैं हार्दिक, कांग्रेस के लिए इतने जरूरी क्यों हुए?
सर्वे में पटेल समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे हार्दिक पटेल, दलित नेता बनकर उभरे जिग्नेश मेवानी और ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर के कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की स्थिति में कुल 40 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं।
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नई दिल्ली। गुजरात में सियासी मैदान सज चुका है और सियासी योद्धाओं ने अपने करामात दिखाने भी शुरू कर दिए हैं। चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भी कर दिया है। चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस बार मतदान के दौरान वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होगा। मतदान 9 और 14 दिसंबर को होगा जबकि नतीजे 18 दिसंबर को घोषित होंगे। चुनावी घोषणा से ठीक एक दिन पहले इंडिया टूडे के सर्वे में जो बात सामने आई है उसके मुताबिक बीजेपी की राह में सबसे बड़े रोड़ा पाटीदारों के नेता हार्दिक पटेल ही है। हार्दिक पटेल पीएम मोदी और सीएम विजय रूपानी के घर में उनसे भारी पड़ सकते है। शायद यही वजह है कि कांग्रेस हार्दिक के चक्कर काट रही है।

ऐसे हार्दिक दे सकते हैं मोदी को झटका
सर्वे में पटेल समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे हार्दिक पटेल, दलित नेता बनकर उभरे जिग्नेश मेवानी और ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर के कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की स्थिति में कुल 40 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं। अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस के साथ होने का एलान कर दिया है वहीं जिग्नेश मेवानी भी कांग्रेस के साथ दिख रहे हैं। सर्वे के मुताबिक केवल कांग्रेस ,अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवानी साथ हो तो इन तीनों को 57 से 65 सीटे मिलती हुई दिख रही है लेकिन जैसे ही इस गठजोड़ में हार्दिक पटेल शामिल हो जाते हैं को ये आकड़ा 62 से 17 तक पहुंच जाता है। मतलब हार्दिक जहां कांग्रेस को 14 सीटों का फायदा पहुंचा सकते हैं तो वहीं बीजेपी तो 14 सीटों का झटका भी दे सकते हैं। इस बात को बीजेपी और कांग्रेस बखूबी समझ रहे हैं।

कांग्रेस के लिए इतने जरूरी क्यों हुए?
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से पाटीदार आंदोलन के अगुवा हार्दिक पटेल की मुलाकात पर फिलहाल आरोप और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक CCTV फुटेज के आधार पर कहा जा रहा था कि ताज उमेद होटल के कमरा नंबर 224 में दोनों की मुलाकात हुई। हालांकि हार्दिक इस दावे से साफ इनकार कर रहे हैं। हार्दिक ने कहा कि दिस दिन राहुल से मिलूंगा उस दिन धमाका करुंगा। उन्होंने कहा कि होटल में उनकी मुलाकात सिर्फ अशोक गहलोत से हुई थी, जो कांग्रेस के गुजरात प्रभारी है।

बीजेपी बचा लेगी अपना किला
वहीं सभी प्रमुख विपक्षियों के मिल जाने के बाद भी बीजेपी के वोट बैंक में कोई सेंधमारी नहीं होती दिख रही है। राज्य में बीजेपी हार्दिक के कांग्रेस से मिल जाने पर भी अपना किला बचा ले जाती दिख रही है। बीजेपी को कुल 48 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है अन्य को महज 3 सीटें मिलती दिख रही हैं।

क्या है गुजरात का गणित ?
गुजरात में कुल सीटों की संख्या 182 है, 2012 के विधानसभा चुनाव के परिणाम पर नजर डालें तो बीजेपी को 115, कांग्रेस को 61 और अन्य को 6 सीटें मिली थीं. 2012 के वोट फीसद की बात करें तो बीजेपी को 48%, कांग्रेस को 39% और अन्य को 13 फीसदी वोट मिले थे।












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