Gujarat election: कांग्रेस ने बताया क्यों चुनाव आयोग ने आज नहीं किया गुजरात इलेक्शन की तारीखों का ऐलान

Gujarat election भारतीय निर्वाचन आयोग ने आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया। माना जा रहा था कि, हिमाचल के साथ गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भी तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। लेकिन आयोग ने सिर्फ हिमाचल के लिए तारीखों का ऐलान किया। अब कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि, चुनाव आयोग ने ऐसा जानबूझकर किया है, ताकि मोदी को कुछ बड़े ऐलान करने के लिए और समय मिल सके।

'गुजरात चुनाव की तारीखें इसलिए घोषित नहीं की ताकि..'

'गुजरात चुनाव की तारीखें इसलिए घोषित नहीं की ताकि..'

कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि, हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा इसलिए नहीं की गई ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़े वादे और उद्घाटन करने के लिए अधिक समय मिल सके। कांग्रेस पार्टी के पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया कि निश्चित तौर पर यह इसलिए किया गया ताकि प्रधानमंत्री को और बड़े वादे करने का समय मिल जाए। यह हैरान करने वाला नहीं है।

'गुजरात के चुनावों की तारीख दिवाली के बाद घोषित होंगी'

'गुजरात के चुनावों की तारीख दिवाली के बाद घोषित होंगी'

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि गुजरात के चुनावों की तारीख दिवाली के बाद घोषित होंगी। तब तक सरकारी खर्चे पर प्रधानमंत्री मोदी जी भर कर चुनाव प्रचार कर सकते हैं साथ ही रेवड़ियां भी बांट सकते हैं। बता दें कि चुनाव आयोग ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी। इस पहाड़ी राज्य में एक ही चरण में 12 नवंबर को मतदान होगा जबकि आठ दिसंबर को मतगणना की जाएगी।

हिमाचल में मतदान और नतीजों के बीच 26 दिनों का अंतर

हिमाचल में मतदान और नतीजों के बीच 26 दिनों का अंतर

हिमाचल में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान और नतीजों के बीच 26 दिनों का अंतर रखा गया है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि, चुनाव आयोग इसी गैप में गुजरात के लिए तारीखों का ऐलान करेगा। आयोग गुजरात में दो चरणों में वोटिंग करवा सकता है। माना जा रहा है कि, गुजरात विधानसभा चुनावों के नतीजे भी हिमाचल प्रदेश के साथ आठ दिसंबर को घोषित किए जा सकते हैं।

इसलिए हिमाचल में जल्दी चुनाव करा रहा है आयोग

इसलिए हिमाचल में जल्दी चुनाव करा रहा है आयोग

वहीं हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल आठ जनवरी को समाप्त होगा। लेकिन हिमाचल में चुनाव आयोग इसलिए जल्दी कराना चाहता है क्योंकि हिमाचल में सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। सर्दी में होने वाली बर्फबारी चुनाव प्रक्रिया में बड़ी बाधा साबित होगी। इसलिए आयोग भारी बर्फबारी शुरू होने से पहले राज्य में मतदान खत्म कराना चाहता है।

हिमाचल में 12 नवंबर को 68 सीटों के लिए वोटिंग होगी

हिमाचल में 12 नवंबर को 68 सीटों के लिए वोटिंग होगी

हिमाचल प्रदेश में 17 अक्टूबर को चुनावों के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर को है। 29 अक्टूबर तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकेंगे। 12 नवंबर को 68 सीटों के लिए वोटिंग होगी और आठ दिसंबर को नतीजें आएंगे। वहीं गुजरात विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 18 फरवरी को समाप्त हो रहा है।

EC ने नियमों का दिया हवाला

EC ने नियमों का दिया हवाला

वहीं इस सवाल के जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने किसी भी तरह के नियमों के उल्लंघन नहीं होने की बात कही है। चुनाव आयोग ने कहा कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश की विधानसभा के कार्यकाल खत्म होने में 40 दिनों का अंतर है। नियमों के अनुसार दो राज्यों की विधानसभा के कार्यकाल के बीच अगर 30 दिन का अंतर होना चाहिए ताकि चुनाव के नतीजों का असर दूसरे राज्य पर ना पड़े। गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी को खत्म हो रहा है जबकि हिमाचल प्रदेश का कार्यकाल 8 जनवरी को खत्म हो रहा है।

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