गुजरात चुनाव: भाजपा का टिकट लेने के लिए मुस्लिम नेताओं की लगी लाइन
नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की अल्पसंख्यक मोर्चा ने कई सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने की मांग की है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष महबूब अली चिश्ती ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के टिकट पर लड़े 350 मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। ऐसे में विधानसभा चुनावों में अगर उन्हें मौका मिला तो वो निश्चित ही जीत दर्ज करेंगे। चिश्ती ने कहा, 'हाल ही में संसदीय बोर्ड की बैठक में कई मुस्लिम नेताओं ने टिकट की इच्छा जताई। इसमें जमालपुर-खाड़िया,वेजलापुर, वाघरा, वानकानेर, भुज और आबदासा सीट प्रमुख तौर से थीं।'

पीएम मोदी का सद्भावना मिशन
बता दें कि 2011 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने जब अल्पसंख्यक समुदाय को ध्यान में रखकर सद्भावना मिशन लॉन्च किया था उस वक्त बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग उनके साथ देने के लिए आगे आए थे। लेकिन इस सद्भावना मिशन उस वक्त सवाल उठने लगे जब अगले ही साल हुए 2012 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया था। वो भी तब जब 2010 में हुए स्थानीय चुनावों में भाजपा के टिकट पर कई मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।

1998 में मुस्लिम को दिया था टिकट
लेकिन पांच साल बाद अब मुस्लिम नेताओं को भाजपा से टिकट के रूप में 'असली सद्भावना' की उम्मीद है। भाजपा ने 1980 के बाद से सिर्फ एक मुस्लिम उम्मीदवार को, 1998 के विधानसभा चुनाव में, टिकट दिया है। जमालपुर-खाड़िया विधानसभा से भाजपा का टिकट मांग रहे उस्मान घांची ने बताया कि वो बीते 10 सालों से भाजपा से जुड़ें हैं। इस विधानसभा में लगभग 61 प्रतिशत आबादी मुस्लिम समुदाय की है। इलाके के पांच मौलवियों ने टिकट की उनकी मांग पर हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया है।

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने भी मांगा टिकट
पूर्व आईपीएस अधिकारी एआई सैयद ने कहा कि वो भी भाजपा भी टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'वो बीतें नौ सालों से भाजपा में हैं। अगर भाजपा उन्हें टिकट देती है तो वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।' 2010 के स्थानीय निकाय चुनाव में लड़ चुके एआई सैयद इस वक्त गुजरात वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हैं।












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