Gujarat election 2017: गुजरात चुनाव भी क्या ‘भगवान भरोसे' हैं?
नई दिल्ली। गुजरात चुनाव के मतदान की तारीख जैसे जैसे करीब आती जा रही है। एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा गर्माता जाता रहा है। शायद ही कोई ऐसा चुनाव हुआ होगा जब राम मंदिर की चर्चा न छिड़ी हो। चाहे वो आम चुनाव हों या फिर यूपी चुनाव। अब गुजरात चुनाव के वक्त भी इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जाकर छोटी दीवाली बड़ी दीवाली की तरह मनाई तो ये कार्यक्रम देश भर में सुर्खियां बना रहा और उसके बाद श्री श्री रविशंकर ने अयोध्या मुद्दे को सुलझाने के लिए पहल कर मुद्दा गर्माया। अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कर्नाटक के उडुपी में राम मंदिर का मसला छेड़ दिया है तो पूरे देश में पक्ष और विपक्ष दोनों बयानों के तीर चला रहे हैं।

राम मंदिर तो बनेगा लेकिन उसमें 20 से 30 साल लग जाएंगे
मोहन भागवत ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा, जरूर बनेगा और भव्य मंदिर बनेगा। उन्हीं शिलाओं से बनेगा जो अयोध्या में हैं। उन्होंने बाला साहेब की बात याद दिलाई जो उन्होंने 1990 में कही थी कि राम मंदिर तो बनेगा लेकिन उसमें 20 से 30 साल लग जाएंगे। मोहन भागवत ने कहा कि 20 साल पूरे हो चुके हैं और 30 साल 2020 में हो जाएंगे तो अब राम मंदिर का वक्त आ गया है। भागवत का बयान आते ही मुस्लिम नेता इसकी खिलाफत करने लगे हैं और कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में जब मामला विचाराधीन है और पांच दिसंबर से इस मामले की सुनवाई होनी है तो उसके पहले भागवत का ये बयान सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और एक तरह से कोर्ट पर दवाब बनाने की कोशिश है। एक तरफ गुजरात के चुनाव हो रहे हैं तो दूसरी तरफ यूपी में निकाय चुनाव की गहमागहमी है और ऐसे में ये मुद्दा गर्माने से फिर हिंदू मुस्लिम वोट बैंक को लेकर दोनों पक्ष बयानबाजी में जुट गए हैं।

राहुल गांधी ने हर दौरे में किसी न किसी मंदिर में मत्था टेक रहे हैं
कांग्रेस ने गुजरात चुनाव में मुस्लिम रुझान की छवि बदलने के लिए जी तोड़ कोशिश की है। इसीलिए राहुल गांधी ने हर दौरे की शुरूआत किसी न किसी मंदिर में मत्था टेक कर की है। उन्होंने गुजरात के सारे प्रमुख मंदिरों की पूजा कर कांग्रेस के विजय की मंगल कामना की है तो उधर बीजेपी के नेता राम मंदिर वही बनाएंगे के नारे लगा रहे हैं। दोनों और से यही जताने की कोशिश है कि हम ही हिंदुओं के हितैषी हैं तो उधर मुस्लिम नेता अपने वोट बैंक को एकजुट करने के लिए बयान की बौछार कर रहे हैं।

दोनों दल भगवान भरोसे
कुल मिलाकर हिंदू मुस्लिम मुद्दा भी एक फैक्टर बना हुआ है। विकास हो या जाति समीकरण, इन दोनों मुद्दों के अलावा कहीं न कहीं राजनीति की सुई हिंदू मुस्लिम फैक्टर पर अटक ही जाती है जो गुजरात के साथ यूपी के निकाय चुनाव में भी अटकी हुई है। गुजरात में दो हफ्ते बाकी हैं पहले चरण के मतदान के लिए। यही नहीं 27 नवंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात के दौरे पर पहुंच रहे हैं। मोहन भागवत के बयान से तय है कि अब ये मुद्दा भी छाया रहेगा। कुल मिलाकर दोनों दल भगवान भरोसे हैं।












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