Gujarat assembly election 2017: गुजरात में कांग्रेस के कौन हैं कर्णधार ?
नई दिल्ली। गुजरात चुनाव में कांग्रेस की कमान किसके पास है, कौन बना रहा है रणनीति और किन किन नेताओं की है अहम भूमिका। जानते हैं इस रिपोर्ट में।
1-अहमद पटेल- कांग्रेस में सबसे अहम रोल हैं। पिछले चुनावों में भी अहम भूमिका रही है लेकिन इस बार उन्हें पर्दे के पीछे रखा जा रहा है। सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकर होने के नाते पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर ताकतवर रहे हैं और बड़े फैसलों में वो भागीदार रहे हैं। गुजरात से पार्टी के प्रमुख नेता हैं। एक प्लस प्वाइंट है जो माइनस प्वाइंट भी बनाता है। प्लस ये है कि वो मुस्लिम समुदाय के चेहरे हैं जिससे हिंदू वोट छिटकने का खतरा बना रहता है जबकि पार्टी ने इस बार लाइन बदली है और इसी रणनीति के तहत उन्हें सामने नहीं लाया जा रहा है। मुस्लिम वोट बैंक को साथ लाने की जिम्मेदारी उन पर भी है।

2- अशोक गहलोत- पार्टी के गुजरात प्रभारी हैं। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत को संगठन का लंबा अनुभव है। राजस्थान में सचिन पायलट की वजह से किनारे हो रहे गहलोत को पार्टी ने गुजरात के रण में उतारा है ताकि वो अपनी क्षमता साबित कर सकें और यदि ऐसा कर लेते हैं तो उनकी राजस्थान में भी राह आसान हो सकती है। राहुल गांधी के सभी दौरों में वे उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। यही नहीं चुनाव संबंधी फैसलों में भी वे भागीदार बन रहे हैं।
3- भरत सिंह सोलंकी- गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री माधव सिंह सोलंकी के बेटे हैं और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी। जिस तरह पिता ने KHAM का जातिगत समीकरण बनाकर और पाटीदार समाज का समर्थन हासिल कर सत्ता हासिल की थी, एक बार फिर भरत सिंह सोलंकी वही जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। वो कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी हैं।
4-शक्ति सिंह गोहिल- ये भी गुजरात के ताकतवर कांग्रेस नेता हैं और मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। राजघराने से ताल्लुक रखने वाले गोहिल की अहम भूमिका उस वक्त सामने आई जब अमित शाह ने अहमद पटेल को राजनीतिक चक्रव्यूह में फंसा दिया था तब उन्होंने ही कमान संभाली और पटेल को राज्यसभा चुनाव में जीत दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वकालत और पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले गोहिल की कांग्रेस के फैसलों में भागीदारी रहती हैं।
5-अर्जुन मोढवाडिया- कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में एक हैं। पिछले चुनाव के वक्त वो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे और अपनी सीट नहीं बचा पाए थे। पाटीदार समाज को अपने साथ जोड़ने वाली कोर टीम में वो हैं और चुनाव से जुड़ी रणनीति में भी उनका रोल रहता है।
इनके अलावा सिद्धार्थ पटेल भी कांग्रेस की कोर टीम में हैं और प्रमुख बैठकों में उनकी हिस्सेदारी रहती है। चाहे वो पाटीदार समाज का मामला हो या फिर टिकट बंटवारे का। सिद्धार्थ पटेल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कई और नेता दूसरे राज्यों से गुजरात में लंबे अरसे से डेरा डाले हैं और चुनाव अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। इनमें युवा नेता राजीव सातव और जीतू पटवारी शामिल हैं जो गहलोत के साथ पार्टी की रणनीति में जुटे हुए हैं। केंद्र से पी.चिदंबरम, मधुसूदन मिस्त्री और सैम पित्रोदा भी गुजरात चुनाव में अपने अपने स्तर पर पार्टी के अभियान में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। आईटी और डिजिटल टीम में भी कई खास लोगों को जिम्मेदारी दी गई हैं जो पर्दे के पीछे सोशल मीडिया पर कांग्रेस की ताकत बढ़ाने का काम कर रहे हैं और बीजेपी पर काउंटर कर रहे हैं।












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