गुजरात के मुख्य सचिव ने बताई चुनाव में भाजपा को क्यों मिली कम सीटें
अहमदाबाद। गुजरात के मुख्य सचिव ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ पार्टी को कम सीटें मिलने की वजह बताई। गुरुवार को एपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) के 12वें रीजनल ऑफिस के उद्घाटन समारोह में मुख्य सचिव जेएन सिंह ने बताया कि किसानों की बदलहाल स्थिति और युवाओं का बेरोजगार होना ही वे दो कारण हैं, जिनके चलते लोगों ने राज्य में बीजेपी के खिलाफ विधानसभा चुनाव में वोट डाले। भाजपा को इन चुनावों में वोट देकर मतदाताओं ने अपने गुस्सा और नाराजगी जाहिर की है।

सिंह ने कहा कि , 'चुनाव के दौरान जो दो चीजें स्पष्ट रूप से मतबूती से उभरकर सामने आई, पहली: किसानों की बदहाल स्थिति। गुजरात भर में किसान परेशान हैं। खासकर सौराष्ट्र में। उन्होंने बीजेपी के खिलाफ वोट देकर अपनी नाराजगी और गुस्सा जाहिर किया है। ऐसा क्यों हुआ? चूंकि लोगों में इस तरह की भावना थी कि चीजें उनके लिए फायदेमंद साबित नहीं हुईं। जबकि दूसरा अहम कारण बेरोजगारी है। युवाओं को नौकरी न मिलना भी पार्टी के खिलाफ वोट पड़ने की एक बड़ी वजह रही। राज्य में हर जगह बेरोजगारी है।'
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि यह एक पहल है। यहां आने वाली एईपीसी गारमेंट सेक्टर को रफ्तार देगी। गारमेंट सेक्टर में एक बार बड़े स्तर पर ले जाएगी। जिससे यहां पर बड़ी संख्या में नौकरी के अवसर पैदा होंगे। हम आशा करते हैं कि गुजरात आने वाले समय में गारमेंट के लिहाज से बड़ा हब बनेगा और बेरोजगारी को खत्म कर देगा। आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनावों के नतीजों में भाजपा को 99 सीटें और कांग्रेस पार्टी को 77 सीटें मिली थीं। सौराष्ट्र क्षेत्र में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, जहां उसे 48 में से सिर्फ 19 सीटें ही मिलीं। जबकि कांग्रेस को 28 सीटें मिलीं।
सिंह ने बताया कि, किसानों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह फसलों के लिए लोन ना मिलना और उनकी मुख्य फसलें कपास और मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य ना मिलना रहा। जिससे किसान में सरकार के प्रति खासा गुस्सा था।












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