Gujarat By Election: गुजरात में AAP की मजबूती बीजेपी नहीं कांग्रेस के लिए खतरा, समझें सियासी गेम
Gujarat By Election: गुजरात में विधानसभा की दो सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी है। कादी और विसावदर में हुए उपचुनाव में कांग्रेस खाली हाथ रही है। पाटीदार समुदाय से आने वाले गोपाल इटालिया ने विसावदर सीट पर आम आदमी पार्टी का परचम लहराया है। बीजेपी के हिस्से कादी की सीट आई है। राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा था कि गुजरात में हम आपको हराएंगे। हालांकि, प्रदेश के बदलते घटनाक्रम को देखें तो कांग्रेस के लिए उत्साहित होने के बजाय सतर्क होने की जरूरत लग रही है।
गुजरात विधानसभा चुनाव (2022) की बात करें, तो कांग्रेस को आम आदमी पार्टी ने नुकसान पहुंचाया था। 2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे बड़ी जीत मिली थी और पार्टी ने 156 सीटें जीती थीं। आम आदमी पार्टी के खाते में 5 सीटें ही आईं, लेकिन चुनाव त्रिकोणीय होने की वजह से कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। पिछले 3 दशक में यह प्रदेश में कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन था और पार्टी को सिर्फ 17 सीटें ही मिल सकी थीं।

यह भी पढ़ें: Gopal Italia: कौन हैं AAP नेता गोपाल इटालिया, विसावदर से जीतकर चमका 'पाटीदार चेहरा', जानें इनके बारे में सबकुछ
Gujarat By Election: आम आदमी पार्टी बिगाड़ेगी कांग्रेस का गेम
दिल्ली और पंजाब दो ऐसे राज्य हैं जहां कांग्रेस का पारंपरिक वोट आम आदमी पार्टी को ट्रांसफर हुआ और इस वजह से इन दोनों राज्यों में पार्टी की सरकार बनी थी। 2015 और 2020 में मुस्लिम और कमजोर आय वर्ग वालों का वोट आप को मिला था, जो 2013 तक कांग्रेस का मजबूत वोट बैंक माना जाता था। अब तक के चुनाव नतीजे बताते हैं कि आप ने बीजेपी की तुलना में कांग्रेस और दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों को ही नुकसान पहुंचाया है। बीजेपी के भरोसेमंद वोट बैंक को खींचने में पार्टी नाकाम रही है। गुजरात में आम आदमी पार्टी के मजबूत होने का नुकसान सीधे तौर पर कांग्रेस को होता ही दिख रहा है। समझें क्या है समीकरण:
1) गुजरात में चुनाव त्रिकोणीय होने की वजह से बीजेपी को फायदा ही पहुंचा है। AAP ने कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाकर बीजेपी को फायदा पहुंचाया है। 2022 के विधानसभा चुनावों में 50 सीटों पर कांग्रेस और AAP दोनों के उम्मीदवारों ने मिलकर बीजेपी से ज्यादा वोट हासिल किए थे। लेकिन इसका फायदा सीधे बीजेपी को मिला और पार्टी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने में कामयाब रही थी।
2) गुजरात में बीजेपी लगभग 3 दशक से लगातार सत्ता में है और एंटी इनकंबेंसी एक मुद्दा है। हालांकि, इसका फायदा उठाते आम आदमी पार्टी दिख रही है। आम आदमी पार्टी फ्री बिजली और पानी जैसे आकर्षक वादे कर रही है। साथ ही, पार्टी युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
यह भी पढ़ें: '40 साल बाद टिकट, करीब 40 हजार वोटों से जीत', कड़ी उपचुनाव में परचम लहराने के बाद चावडा ने ऐसे कहा शुक्रिया
3) गुजरात में त्रिकोणीय मुकाबला होने की वजह से बीजेपी और कांग्रेस से नाराज नेताओं या टिकट कटने पर आम आदमी पार्टी में जाने का विकल्प भी होगा। इससे वोट कटने की संभावना और बढ़ जाती है। हालांकि, विधानसभा चुनाव में अभी दो साल से ज्यादा का वक्त है, लेकिन पार्टी के लिए अपना संगठन मजबूकत करने और सही उम्मीदवार, पदाधिकारियों के चुनाव की मुश्किल चुनौती रहेगी।












Click it and Unblock the Notifications