GST Rates: किसानों को मोदी सरकार का दिवाली गिफ्ट! क्या-क्या हुआ सस्ता? अब मुनाफा होगा दोगुना
New GST Rates: केंद्र सरकार ने किसानों और आम लोगों के हित में बड़े फैसले किए हैं। जीएसटी काउंसिल ने तीन सितंबर को नए दो- स्लैब टैक्स स्ट्रक्चर मंजूर किए। 12% और 28% के स्लैब हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही कई जरूरी चीजों पर टैक्स घटाया गया है, जबकि कुछ पर बढ़ाया भी गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इसे सिर्फ टैक्स कट नहीं, बल्कि स्ट्रक्चरल रिफॉर्म (Structural Reform) बताया, जिससे कारोबार और ग्राहकों के लिए जीएसटी आसान हो जाएगी। नए रेट 22 सितंबर यानि नवरात्रि की पहली तारीख से लागू होंगे।

खेती के सामान पर GST
कई कृषि और हस्तशिल्प से जुड़े सामान जैसे ट्रैक्टर, कम्पोस्ट मशीन, पवनचक्की और बायोगैस प्लांट पर अब सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा।
इन चीजों पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया GST
- 15HP तक के डीजल इंजन
- हैंड पंप, ड्रिप इरिगेशन नोजल और स्प्रिंकलर
- मिट्टी तैयार करने की मशीनें, रोलर
- फसल काटने और थ्रेसिंग मशीनें, स्ट्रॉ बॉलर, हाय मावर
- पोल्ट्री और बी-कीपिंग मशीनें, इनक्यूबेटर
- कम्पोस्टिंग मशीनें
- ट्रैक्टर (1800cc से कम) और सेमी-लोडिंग ट्रेलर
- हाथ से खींचे जाने वाले या पशु-खींच वाले गाड़ियाँ
इन चीजों पर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया GST
- ट्रैक्टर के टायर, ट्यूब और रियर व्हील
- कृषि डीजल इंजन (250cc से ऊपर)
ट्रैक्टर के हाइड्रोलिक पंप और मैन पार्ट्स जैसे व्हील रिम, गियरबॉक्स, रेडिएटर, क्लच, स्टियरिंग, बंपर आदि
फर्टिलाइजर पर GST 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया
- सल्फ्यूरिक एसिड
- नाइट्रिक एसिड
- अमोनिया
इन चीजों पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया
- गिबरेलिक एसिड
- नीम-आधारित कीटनाशक
क्यों खेती की मशीनें पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं?
GST काउंसिल का कहना है कि किसानों को राहत देने के साथ-साथ घरेलू निर्माता भी सुरक्षित रहें। अगर मशीनें पूरी तरह टैक्स फ्री होंगी, तो निर्माता इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नहीं क्लेम कर पाएंगे। उन्हें पहले ली गई ITC वापस करनी पड़ेगी, जिससे उत्पादन लागत बढ़ेगी। बढ़ी हुई लागत अंत में किसानों को महंगी कीमतों के रूप में चुकानी पड़ेगी।
ट्रैक्टर क्यों पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं?
सरकार का मकसद साफ है कि किसानों को मदद और घरेलू निर्माता को नुकसान न हो। अगर छोटे ट्रैक्टर जीरो टैक्स पर हों, तो बनाने वाली कंपनी ITC क्लेम नहीं कर पाएंगी। इससे लागत बढ़ेगी और कीमतें किसानों पर असर डालेंगी। इसलिए पूरी छूट देना उल्टा असर डाल सकता है।
नए जीएसटी रेट क्या हैं?
- 5% स्लैब: जरूरी सामान और सर्विसेज (खाद्य सामग्री, रसोई का सामान, कृषि उपकरण, मेडिकल किट्स आदि)
- 18% स्लैब: ज्यादातर सामान और सर्विसेज़ (इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान, ऑटो पार्ट्स, टू-व्हीलर्स आदि)
- 40% स्लैब: लग्ज़री और 'सिन गुड्स' (तंबाकू, पान मसाला, महंगी गाड़ियां, यॉट्स, हेलीकॉप्टर आदि)
- छूट (Exemptions): शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सर्विसेज़, जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कोई टैक्स नहीं












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