अल कायदा के कश्मीर में जिहाद के आह्ववान के पीछे पाक की खुफिया एजेंसी ISI: सूत्र
अलकायदा के कश्मीर में जिहाद के आह्ववान के पीछे पाक की खुफिया एजेंसी ISI: सूत्र
नई दिल्ली, 2 सितंबर: अफगानिस्तान से 31 अगस्त को आखिरी अमेरिकी सैनिक के जाने के बाद आतंकी संगठन अल कायदा ने एक बयान जारी किया है। जिसमें उसने तालिबान को अफगानिस्तान में अमेरिका को 'हराकर' शासन कायम करने के लिए बधाई दी है और दुनियाभर के उन मुस्लिम इलाकों में जिहाद का आह्वान किया है, जहां किसी दूसरे धर्म के लोगों का 'कब्जा' है। इसमें कश्मीर का भी जिक्र है। सरकार से जुड़े सूत्रों का मानना है कि अल कायदा के बयान में कश्मीर का नाम शामिल किए जाने के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा कि अल कायदा का ग्लोबल जिहाद के लिए कहना निश्चित ही चिंता का सबब है। यह दिलचस्प है कि कश्मीर को बयान में शामिल किया गया जबकि यह पहले कभी तालिबान के एजेंडे में नहीं रहा। इससे साफ है कि अल कायदा के इस बयान के पीछे आईएसआई का हाथ है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा है कि अल कायदा के बयान का हम विश्लेषण कर रहे हैं, लेकिन यह भारत के लिए गंभीर चिंता का कारण जरूर है। अल कायदा दुनिया में मुसलमानों को कट्टरपंथी की ओर ले जाने कीकोशिश कर रहा है। यह मानवता के लिए खतरनाक है। इसके जरिए पाकिस्तान अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है।
क्या कहा है अल कायदा ने
अलकायदा ने तालिबान को अफगानिस्तान पर कब्जा कब्जे के लिए बधाई देते हुए कहा है कि ये बड़ी जीत है लेकिन इसके बाद रुक नहीं जाना है। उन तमाम इस्लामिक जगहों को आजाद कराना है, जहां विधर्मियों का कब्जा है। अल कायदा ने सीरिया, सोमालिया, यमन, कश्मीर का नाम ऐसी जगहों के तौर पर लिया है, जिनको आजाद कराना है।
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बता दें कि तालिबान ने कश्मीर पर कोई बयान नहीं दिया है लेकिन अलकायदा के इस बयान से भारत सरकार जरूर चिंता महसूस कर रही है। विपक्षी दलों ने भी इसको लेकर सरकार को चेताया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने कहा है कि तालिबान, पाकिस्तान और चीन का गठजोड़ भारत के लिए अच्छा नहीं है, इससे सचेत रहने की जरूरत है।












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