अगर Telegram पर देखते हैं फ्री फिल्में, तो पायरेटेड मूवी और OTT कंटेंट को लेकर जान लीजिए सरकार का नया फैसला
Telegram Warning Notice India Govt: अगर आप Telegram का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। केंद्र सरकार ने मैसेजिंग ऐप Telegram को सख्त नोटिस भेजा है। सरकार ने कहा है कि प्लेटफॉर्म पर बड़ी मात्रा में पायरेटेड फिल्में, वेब सीरीज और दूसरे कॉपीराइट वाले वीडियो शेयर किए जा रहे हैं।

इसे तुरंत रोकने की जरूरत है। सरकार ने Telegram को 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान कंपनी को बताना होगा कि उसने पायरेटेड कंटेंट रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं।
क्यों लिया सरकार ने इतना बड़ा एक्शन?
यह कदम देश के फिल्म मेकर्स, डिजिटल क्रिएटर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (जैसे नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार, प्राइम वीडियो), डिस्ट्रीब्यूटर्स और ब्रॉडकास्टर्स के हक की रक्षा करने के लिए उठाया गया है। पायरेसी की वजह से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और क्रिएटर्स को हर साल हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होता है। लोग थिएटर जाने या सब्सक्रिप्शन लेने के बजाय टेलीग्राम के चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स (Bots) के जरिए फ्री में फिल्में और शो डाउनलोड कर लेते हैं।
नोटिस में टेलीग्राम को क्या-क्या निर्देश दिए गए हैं?
सरकार ने टेलीग्राम को 15 दिनों के भीतर एक 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (Action Taken Report) सौंपने को कहा है, जिसमें बातों का जवाब देना होगा-
टेलीग्राम को अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसा सिस्टम (तकनीक) मजबूत करना होगा जो पायरेटेड कंटेंट को खुद डिटेक्ट (पहचान) करे, रिपोर्ट करे और तुरंत ब्लॉक या डिलीट करे। जो चैनल, ग्रुप, बॉट्स, अकाउंट या एडमिन बार-बार फिल्में लीक करते हैं, उन्हें हमेशा के लिए ब्लॉक किया जाए।
टेलीग्राम को यह बताना होगा कि फिल्म निर्माताओं, ओटीटी प्लेटफॉर्म और पुलिस जैसी जांच एजेंसियों की शिकायतों को सुलझाने के लिए उनके पास क्या सिस्टम है।
'चैनल-बाय-चैनल' हटाने से काम नहीं चलेगा
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को याद दिलाया है कि भारत के आईटी एक्ट (IT Act, 2000) और आईटी नियमों (IT Rules, 2021) के तहत एक 'इंटरमीडियरी' (माध्यम) होने के नाते यह उसकी खुद की जिम्मेदारी है।
सरकार ने पहले भी टेलीग्राम के 3,000 से ज्यादा पायरेसी चैनलों को बंद करवाया है। लेकिन सरकार का कहना है कि-"यह एक-एक करके चैनल डिलीट करने का तरीका अब काफी नहीं है।
टेलीग्राम को खुद पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। भारत में कॉपीराइट का उल्लंघन सिर्फ एक दीवानी (Civil) मामला नहीं है, बल्कि कॉपीराइट एक्ट 1957 और सिनेमाटोग्राफ एक्ट 1952 के तहत यह एक गंभीर आपराधिक अपराध (Criminal Offence) है।"
हाल ही में बैन भी हुआ था टेलीग्राम
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब टेलीग्राम सरकार के रडार पर आया है। इसी साल जून महीने में NEET-UG की दोबारा परीक्षा (Re-exam) के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार ने टेलीग्राम पर कुछ समय के लिए अस्थायी प्रतिबंध (Ban) लगा दिया था, जिसे बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सही ठहराया था।
अब पायरेसी के मुद्दे पर सरकार के इस सख्त तेवर से साफ है कि अगर टेलीग्राम ने 15 दिनों के भीतर कड़े कदम नहीं उठाए, तो भारत में उसके खिलाफ और भी बड़ी कानूनी कार्रवाई या भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
आज लाखों लोग Telegram का इस्तेमाल पढ़ाई, ऑफिस और निजी बातचीत के लिए करते हैं। लेकिन इसके साथ-साथ कई लोग इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल फिल्मों और वेब सीरीज की अवैध कॉपी शेयर करने के लिए भी करते हैं।
सरकार का मानना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे देश की क्रिएटर इकॉनमी, फिल्म इंडस्ट्री और डिजिटल कंटेंट सेक्टर को लगातार नुकसान होता रहेगा।














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