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CAA विरोधी प्रदर्शनों में सरकार ने लगवाए 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे, यूपी के पूर्व राज्यपाल का दावा

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नई दिल्ली- यूपी के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर बहुत बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि सीएए-विरोधी प्रदर्शनों में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' जैसे नारे सरकार ने सुनोयोजित साजिश के तहत अपने लोगों को भेजकर लगवाए हैं। यही नहीं उन्होंने अलीगढ़ और दिल्ली में दिसंबर महीने में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को भी बर्बरतापूर्ण करार दिया है और कहा है कि जब सरकार में बैठे लोग हार महसूस करने लगते हैं तो फायरिंग और लाठीचार्ज जैसी कार्रवाइयां शुरू कर देते हैं। उन्होंने पूरी घटना के लिए भाजपा-आरएसएस और पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है।

सुनियोजित तरह से प्रदर्शन को हिंसक दिखाया- कुरैशी

सुनियोजित तरह से प्रदर्शन को हिंसक दिखाया- कुरैशी

यूपी के पूर्व राज्यपाल कुरैशी ने सोमवार को भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधा आरोप लगाया है कि, 'सरकार में बैठे हिटलर के शागिर्दों ने नए नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों को हिंसक शक्ल देने के लिए प्रदर्शनकारियों के बीच अपने लोगों को बिठाकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाए, तोड़फोड़ और आगजनी कराई ताकि इसे हिंसक प्रदर्शन दिखाया जा सके। इसकी वजह से पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। यह सब कुछ पूरी तरह सुनोजित तरीके से किया गया।' कुरैशी ने यहां तक आरोप लगाया है कि भाजपा और आरएसएस के मन में भारतीय मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए शैतानी भरी योजना है।

भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश- पूर्व राज्यपाल

भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश- पूर्व राज्यपाल

कुरैशी के दावों के मुताबिक, 'जैसे हिटलर कैंप बनाता था, केंद्र सरकार डिटेंशन कैंप्स बनवाया है और यह सब सिर्फ देश को बांटने के लिए किया जा रहा है।' उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उनकी पूरी सरकार ने संसद में अपनी संख्या बल के जरिए नया नागरिकता कानून पारित करवाकर संविधान की आत्मा का कत्ल किया है और इसके माध्यम से मुल्क के 20 करोड़ लोगों को अलग करने का काम किया है। यह सब भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का प्रयास है।' बता दें कि पिछले कुछ दिनों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब सीएए विरोधी प्रदर्शनों में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए गए हैं। यही नहीं, इसी मंच से 15 करोड़ मुसलमानों के हिंदुओं पर भारी पड़ने जैसे भड़काऊ बयान भी दिए गए हैं। हालांकि, यूपी में हुई हिंसा के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़े तेवर अपनाए,जिसके बाद वहां हिंसा पर शुरू में ही काबू पाया जा सका था।

दिल्ली में फिर भड़की हिंसा

दिल्ली में फिर भड़की हिंसा

इस बीच रविवार से दिल्ली में एकबार फिर से सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारी हिंसक हो उठे हैं। दिल्ली के जाफराबाद में सोमवार को सीएए-विरोधी प्रदर्शन में भड़की हिंसा में पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उपद्रवियों के हमले में एक डीसीपी भी जख्मी हुए हैं। उपद्रवियों ने हिंसा का खूनी खेल खेला है, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी भी हुए हैं और करोड़ों की संपत्तियों को भी तबाह कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक जिस कॉन्स्टेबल की मौत हुई है उसका नाम रतन लाल है, जबकि घायल डीसीपी का नाम अमित शर्मा है। दंगाइयों ने पास के मौजपुर इलाके में दो घरों को भी आग के हवाले कर दिया है। उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए इलाके में भारी तादाद में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

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English summary
Govt chants 'Pakistan Zindabad' slogans in anti-CAA demonstrations by sending its pepople-Aziz Qureshi
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