पांच साल के इंटीग्रेटेड एमबीए पाठ्यक्रमों पर प्रतिबंध!
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश भर के प्रबंधन संस्थानों व विश्वविद्यालयों में चल रहे पांच साल के इंटीग्रेटेड एमबीए पाठ्यक्रमों को बंद करने का फैसला लिया है। जी हां यही कारण है कि सरकार ने सभी बी-स्कूलों से पांच वर्षीय कोर्स बंद करने को कहा है। सरकार ने कहा है कि जो लोग वर्तमान में 5 वर्षीय कोर्स में पढ़ाई कर रहे हैं उन्हें बीच में निकलने का विकल्प दिया जायेगा।
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एमबीए के चार वर्षीय पाठ्यक्रम को समाप्त करने के बाद अब पांच वर्ष के पाठ्यक्रमों में अनियमितताएं देखते हुए सरकार ने इसे बंद करने की योजना बनायी है। सरकार का मानना है कि ड्युअल डिग्री के नाम पर प्रबंध संस्थान मनमाने ढंग से कमाई करते हैं।
एचआरडी मिनिस्ट्री के नियंत्रण वाले एआईसीटीई ने सभी विश्वविद्यालयों व संस्थानों को इस संबंध में सर्कुलर भेजा है। साथ ही कहा है कि कोर्स बंद करते वक्त छात्रों का नुकसान नहीं होना चाहिये। जो छात्र लगभग कोर्स पूरा करने की कगार पर हैं, उन्हें कोर्स पूरा करने दिया जाये। लेकिन हां कोई भी कॉलेज 2016-17 में नया एडमीशन नहीं ले सकता है।
सरकार के इस आदेश का असर देश भर के करीब 11 हजार संस्थानों पर पड़ेगा, जहां पर इंटीग्रेटेड कोर्स चल रहे हैं। एआईसीटी का मानना है कि ये कोर्स यूजीसी की गाईडलाइंस के अनुरूप नहीं हैं।












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