राज्यपाल सत्यपाल मलिक बोले- मोदी के दोस्त अडानी की वजह से नहीं लागू हो रही MSP, देश को बेचने की है तैयारी
नई दिल्ली, 22 अगस्त। न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर मेघायल के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। किसानों की फसल पर एमएसपी को लेकर सत्यपाल मलिक ने कहा कि देश के किसानों को हराया नहीं जा सकता है, जबतक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है वह अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि अगर एमएसपी को नहीं लागू किया जाता, किसानों को उनकी फसल पर एमएसपी की गारंटी नहीं दी जाती है तो एक और लड़ाई होगी और इस बार यह लड़ाई और बड़ी होगी। आप किसानों को इस देश में हरा नहीं सकते हैं। आप उन्हें डरा नहीं सकते हैं क्योंकि आप किसानों के पास ईडी, आयकर विभाग के अधिकारियों को नहीं भेज सकते हैं, आखिर आप किसानों को डराएंगे कैसे।
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अडानी की वजह से नहीं लागू हो पा रही MSP
मलिक ने कहा कि एमएसपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त अडानी की वजह से नहीं लागू किया जा सकता, जोकि इस समय एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वह सिर्फ पांच साल में एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। गुवाहाटी एयरपोर्ट पर मैं एक महिला से मिला, जिसके हाथ में फूलों का गुलदस्ता था, जब मैंने उनसे पूछा आप कहां से हैं, उन्होंने बताया हम अडानी जी की ओर से यहां आए हैं। मैंने पूछा इसका क्या मतलब तो उसने कहा कि यह एयरपोर्ट अडानी को हस्तांतरित किया गया है।

देश को बेचने की तैयारी
राज्यपाल ने कहा कि अडानी को एयरपोर्ट दिए गए हैं, पोर्ट्स दिए गए हैं, बड़ी योजनाएं दी गई है और एक तरह से देश को बेचने की तैयारी है। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। राज्यपाल ने कहा कि पानीपत में अडानी ने बहुत बड़ा गोदाम बनाया है, जहां पर बड़ी मात्रा में गेंहूं को सस्ते दाम में खरीदकर रखा गया है। जब देश में महंगाई होगी, वह गेंहूं को बेचेंगे। ये प्रधानमंत्री के दोस्त उससे मुनाफा बनाएंगे और किसान मुश्किल झेलेगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, इसके खिलाफ लड़ाई होगी।

पहले भी मोदी सरकार पर बोल चुके हैं हमला
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सत्यपाल मलिक ने किसानों के प्रदर्शन को लेकर सरकार पर हमला बोला है। इससे पहले 3 जनवरी को इसी साल उन्होंने हरियाणा के दादरी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया था कि वह घमंडी हैं। मलिक ने कहा कि जब मैं उनसे किसानों के प्रदर्शन के मुद्दे पर मिलने के लिए गया तो वह मुझे अभिमानी लगे। मैंने देखा कि किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, वो दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे हैं, मैंने पीएम से कहा कि इसमे से हर एक 40 गांव का मुखिया है, 700 किसान मर चुके हैं। जब एक कुत्ता मरता है तो दिल्ली से शोक संदेश भेजा जाता है, लेकिन किसानों के लिए कोई संदेश नहीं भेजा गया।

पीएम मोदी ने मुझसे ये कहा
राज्यपाल ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि ये किसान एक साल से प्रदर्शन कर रहे हैं और धरने पर बैठे हैं, उन्हें कुछ तो दीजिए। उन्होंने मुझसे कहा कि वो चले जाएंगे, आप क्यों चिंता करते हैं। उन्होंने इसे बहुत ही हल्के में लिया। मैंने उनसे कहा कि आप इन लोगों को नहीं जानते हैं। बाद में वो इस बात को समझे और कानूनों को वापस लिया गया, प्रधानमंत्री ने माफी मांगी। सत्यपाल मलिक ने कहा कि बतौर राज्यपाल कार्यकाल पूरा होने के बाद मैं पूरी तरह से देश के किसानों के अधिकार की लड़ाई लड़ूंगा।












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