Governance Good Index 2023: क्यों टाला गया सुशासन सूचकांक? जानें वजह, अब 2025 में होगा अगला प्रकाशन
Governance Good Index 2023: केंद्र सरकार ने सुशासन सूचकांक (Goverance Good Index - GGI) 2023 जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। यह सूचकांक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) की शासन प्रणाली का आकलन करता है और इसे सुशासन सप्ताह के दौरान जारी किया जाना था, जो हर साल 19 से 25 दिसंबर तक मनाया जाता है। अब अगला संस्करण दिसंबर 2025 में प्रकाशित किए जाने की योजना है।
सुशासन सूचकांक (GGI) पहली बार 25 दिसंबर 2019 को दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर लॉन्च किया गया था, जिसे सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य राज्यों को उनकी प्रशासनिक दक्षता के आधार पर रैंकिंग देना है।

सूचकांक में कृषि, आर्थिक शासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, और नागरिक-केंद्रित शासन जैसे 50 से अधिक संकेतकों को शामिल किया गया है। तमिलनाडु और गुजरात ने 2019 और 2021 की रैंकिंग में बड़े राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया था।
2023 संस्करण क्यों नहीं जारी हुआ?
सूत्रों के अनुसार, 2023 का डेटा 2024 के अंत में जारी किया जाता, तो वह अप्रासंगिक और पुराना हो जाता। नए और अपडेट डेटा के साथ सूचकांक की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए, इसे 2025 में जारी करने का निर्णय लिया गया। 2023 का संस्करण तैयार था और 23 दिसंबर को जारी किए जाने की योजना थी, लेकिन सरकार ने इसे रोकने का फैसला किया।
सुशासन सूचकांक की भविष्य की योजना
डीएआरपीजी (Department of Administrative Reforms and Public Grievances) के सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि GGI का अगला संस्करण 2025 में प्रकाशित किया जाएगा। 2019 और 2021 के बाद, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों के लिए जिला स्तर के सुशासन सूचकांक भी जारी किए गए हैं। 2021-2024 की अवधि में केंद्र सरकार ने सुशासन में सुधार के लिए कई पहल की हैं।
सुशासन सप्ताह के अन्य अभियान
19 से 24 दिसंबर के बीच प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत जन शिकायतों के निवारण पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सीपीजीआरएएमएस (Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System) की वार्षिक रिपोर्ट और 'विशेष अभियान 4.0' पर भी काम किया गया।
सुशासन सूचकांक 2023 को जारी न करने का फैसला राज्यों के सटीक और अद्यतन मूल्यांकन को सुनिश्चित करने की दिशा में लिया गया है। अब इसका अगला संस्करण 2025 में प्रकाशित किया जाएगा, जिसमें और भी बेहतर डेटा और विश्लेषण शामिल होगा।
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