सरकार की सफाई, आधार कार्ड के ना होने की वजह से नहीं रोका जाएगा बच्चों का मिड डे मील
मिड डे मील के लिए आधार अनिवार्य करने के फैसले पर आलोचना के बाद कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि किसी भी बच्चे को तब तक किसी सरकारी लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा, जब उसका आधार ना बन जाए।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को कहा गया है कि किसी भी नागरिक को इसलिए किसी सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा क्योंकि उसके पास आधार कार्ड नहीं है। हाल ही में सरकार ने आदेश दिया था जिसके अनुसार, 30 जून के के बाद आधार कार्ड रखने वाले बच्चों को ही स्कूल में मिड डे मील की सुविधा देने की बात कही गई है। इसको लेकर विपक्ष ने भारी विरोध जताया। जिसके बाद सचिवालय ने ये बयान दिया है।

कैबिनेट सचिवालय ने मंगलवार को कहा कि किसी भी बच्चे को आधार नहीं होने की वजह से मिड डे मील से वंचित नहीं होना होगा। हालांकि सरकार ने एक जुलाई से देश भर के स्कूलों में मिड-डे मील का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य करने के आदेश को वापस नहीं लिया है बल्कि 30 जून तक सभी को आधार उपलब्ध करवाने की बात कही है। सचिवालय की ओर से बयान में कहा गया है कि सरकार सभी को आधार उपलब्ध करवाएगी लेकिन अगर किसी वजह से आधार नहीं बना पाया या मिलने में देरी हुई तो इसकी वजह से किसी को भी मिड डे मील या आंगनबाड़ी की सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा। केंद्रीय सचिवालय ने मानव संसाधन मंत्रालय से भी बच्चों और मिड डे मील के तहत काम करने वाली 'रसोइया सह सहायक' के आधार कार्ड 30 जून तक बनवाने में सहयोग करने को कहा है।
देश में सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक के छात्रों को दोपहर को मिलने वाले भोजन (मिड डे मील) को लेकर एचआरडी मंत्रालय ने हाल ही में कहा था कि 30 जून के बाद उन बच्चों को मिड डे मील योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा जिनके पास आधार कार्ड नहीं होगा। इस पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि केंद्र सरकार क्या नवजात बच्चों से भी आधार कार्ड मांगेंगी। वहीं कांग्रेस ने कहा था कि सरकार बच्चों के दोपहर के भोजन का संवैधानिक अधिकार छीनना चाहती है।
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