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गोरखपुर उपचुनाव: प्रचार का अंतिम दिन, निषाद वोटरों पर पार्टियों की नजर

By VikashRaj Tiwari
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    नई दिल्ली। गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार आज समाप्त हो जाएगा। राजनीतिक दल अपने अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के मकसद से कोई कोर कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। गोरखपुर से सपा के उम्मीदवार प्रवीण निषाद 'जय निषाद अखिलेश के साथ' के नारे के साथ चुनावी मैदान में हैं। तो बीजेपी के उम्मीदवार उपेंद्र दत्त शुक्ला भी निषाद वोटरों को रिझाने का हर प्रयास कर रहे हैं। आपको बता दें कि गोरखपुर लोकसभा के 19.5 लाख वोटरों में से 3.5 लाख वोटर निषाद समाज के हैं। जो इस चुनाव में हार जीत तय कर सकते हैं। गोरखपुर उपचुनाव 11 मार्च को होगा और नतीजे 14 मार्च को आएंगे।

    योगी आदित्यनाथ की अग्निपरीक्षा

    योगी आदित्यनाथ की अग्निपरीक्षा

    गोरखपुर लोकसभा सीट से बीजेपी ने उपेन्द्र शुक्ला को टिकट दिया है तो वहीं समाजवादी पार्टी ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने सुरहिता करीम चैटर्जी को अपना उम्मीदवार बनाया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पूरी ताकत झोंकने में लगे हैं। क्योंकि वो खुद इस सीट से लगातार 5 बार सांसद चुने जा चुके हैं और विधानसभा चुनावों के बाद इन बायपोल को सीएम योगी की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

    'अपना-अपना याद रहे'

    'अपना-अपना याद रहे'

    गोरखपुर ग्रामीण से गुजरने वाले मलौली बांध के किनारे पथरा गांव के नुक्कड़ पर रामकरन निषाद चाय की दुकान पर धुनी रमाए हुए हैं। अपनी बिरादरी के राजेंद्र को देखते ही जोर से आवाज लगाते हैं 'अपना-अपना याद रहे।' एसपी-बएसपी गठबंधन के साथ ही छोटी पार्टियां भी जो जोर लगा रही हैं, उससे राजेंद्र सरीखे कई बड़े उत्साह में हैं। उनका कहना है कि हालात अनुकूल हैं और निषाद समाज को लग रहा है कि उनकी बिरादरी का प्रत्याशी इस बार जरूर जीतेगा, इसलिए एकजुट हैं। उधर बीजेपी के प्रत्याशी उपेंद्र शुक्ला ये कहते नहीं थक रहे हैं कि कैसे उन्होंने निषाद समाज की मदद की है। वो कहते है कि मैंने तो एक निषाद समाज की छोटी सी बच्ची का देखभाल करता हूं अपने घर पर उसको रखता हूं और वक्त आने पर उसका कन्यादान भी करूंगा।

    'करीब साढ़े तीन लाख निषाद और करीब दो लाख ब्राह्मण वोटर हैं'

    'करीब साढ़े तीन लाख निषाद और करीब दो लाख ब्राह्मण वोटर हैं'

    गोरखपुर संसदीय इलाके में करीब साढ़े तीन लाख निषाद और करीब दो लाख ब्राह्मण वोटर हैं, जो किसी भी प्रत्याशी की जीत हार को तय करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने ब्राह्मण प्रत्याशी पर दांव लगाया है। कांग्रेस की प्रत्याशी सुरहिता करीम की शादी गोरखपुर के प्रसिद्ध डाक्टर वजाहत करीम से हुई है लेकिन सुरहिता के पिता बंगाली ब्राह्मण हैं। कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित करते समय सुरहिता के नाम के साथ चटर्जी पर भी जोर देकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। उधर, भाजपा ने भी अपना उम्मीदवार उपेंद्र शुक्ल को घोषित किया है। जो कि ब्राह्मण हैं। जबकि सपा ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष के बेटे प्रवीण कुमार निषाद को अपना प्रत्याशी बनाया है। अगर बीते पांच चुनावों की चर्चा की जाए तो सीएम योगी को घेरने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने समय-समय पर ब्राह्मण और निषाद प्रत्याशी को खड़ा किया था।

    बीएसपी ने किसी को भी टिकट नहीं दिया है

    बीएसपी ने किसी को भी टिकट नहीं दिया है

    उत्‍तर प्रदेश की फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में सपा और बसपा के बीच डील पक्‍की होने के बाद राष्‍ट्रीय लोकदल (रालोद) ने भी अखिलेश यादव को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के अध्‍यक्ष चौधरी अजित सिंह ने कहा कि उन्‍होंने विपक्ष की एकता को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। रालोद अध्‍यक्ष ने कहा कि केंद्र और उत्‍तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। उन्‍होंने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर सपा को समर्थन देने की बात कही है।

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    English summary
    Gorakhpur bypoll: SP reaches out to Nishads, bjp is eyeing brahamins vote, last day of campaigning

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