Gopi Thotakura: कौन हैं गोपी थोटाकुरा? बनेंगे राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
Gopi Thotakura: भारतीय नागरिक गोपीचंद थोटाकुरा छह सदस्यीय दल का हिस्सा होंगे जो अगले न्यू शेपर्ड मिशन पर अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगे। वे एक टूरिस्ट के रूप में अंतरिक्ष की यात्रा पर निकलने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे।
अरबपति जेफ बेजोस के स्पेस स्टार्टअप ब्लू ऑरिजिन ने हाल ही में अपने NS-25 मिशन में जाने वाले 6 लोगों की क्रू का खुलासा किया था। गोपीचंद थोटाकुरा इस क्रू का हिस्सा होंगे। यह दल एक यात्रा पर निकलेगा जो उन्हें पृथ्वी के वायुमंडल से परे ले जाएगा।

आपको बता दें कि सबसे पहले 1984 में Soviet Soyuz T-11 रॉकेट में स्पेस में जाने वाले राकेश शर्मा पहले भारतीय थे। शर्मा ने सोवियत यूनियन के Salyut-7 स्पेस स्टेशन में 7 से ज्यादा दिन बिताए थे।
राकेश शर्मा के बाद कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स, राजा चारी और सिरिशा बंदला भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रा पर गए। लेकिन गोपीचंद एक अंतरिक्ष यात्री के तौर पर स्पेस जाएंगे। आपको बता दें कि गोपीचंद अमेरिका में रह रहे हैं मगर उनकी नागरिकता अभी भी भारतीय ही है।
गोपीचंद थोटाकुरा एक व्यवसायी हैं। इसके अलावा गोपी Preserve Life Corp के को-फाउंडर भी हैं। यह जॉर्जिया बेस्ड एक वेलनेस और अप्लायड हेल्थ सेंटर कंपनी है। थोटाकुरा की LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने बेंगलुरू के प्राइवेट स्कूल सरला बिड़ला एकेडमी से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने फ्लोरिडा के डायटोना बीच में Embry-Riddle Aeronautical University से Aeronautical Sciences में बैचलर की डिग्री हासिल की। एनडीटीवी के मुताबिक, उनका जन्म विजयवाड़ा में हुआ।
थोटाकुरा के अलावा इस मिशन में 5 अन्य अंतरिक्ष यात्री एड ड्वाइट, मेसन एंजेल, सिल्वेन चिरोन, केनेथ एल. हेस और कैरोल स्कॉलर शामिल होंगे। सितंबर 2022 में अनक्रूड NS-23 की विफलता के बाद NS-25 ब्लू ओरिजिन का पहला क्रू लॉन्च होगा। NS-25 सबऑर्बिटल मिशन के लॉन्च की तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगले कुछ हफ्तों में इसके लॉन्च होने की संभावना है।
थोटाकुरा ने अपनी इस यात्रा को लेकर कहा, "मैं हमेशा एक अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए बहुत उत्सुक था... भारत और विदेशों में उड़ान भरने के बाद, मैंने अवसरों की तलाश शुरू कर दी जहां मेरा मूल सपना साकार हो सकता था। तभी मुझे ब्लू के साथ मौका मिला... NH24 निर्धारित है और हम निकट भविष्य में पृथ्वी की निचली कक्षा में जाएंगे।"
एनएस-25, ब्लू ओरिजिन की चालक दल वाली सातवीं सबऑर्बिटल अंतरिक्ष उड़ान होगी। एक उप-कक्षीय अंतरिक्ष उड़ान के दौरान, अंतरिक्ष यान बाहरी अंतरिक्ष तक पहुंच जाएगा, लेकिन एक कृत्रिम उपग्रह बनने या पृथ्वी से बचने के लिए पर्याप्त वेलोसिटी (वेग) प्राप्त करने के बजाय, यह पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने से पहले एक कक्षा पूरी करेगा।
क्या है न्यू शेफर्ड मिशन?
न्यू शेफर्ड 25 मिशन, इस प्रोग्राम की सातवीं मानव उड़ान होगी। इसका नाम अंतरिक्ष यात्री एलन शेपर्ड के नाम पर रखा गया है। शेपर्ड अंतरिक्ष में जाने वाले पहले अमेरिकी हैं। न्यू शेफर्ड को स्पेस टूरिज्म के लिए डिजाइन किया गया है। यह ब्लू ओरिजिन के फिर से यूज किए जाने वाले सबऑर्बिटल रॉकेट सिस्टम का उपयोग करेगा। ब्लू ओरिजिन का न्यू शेपर्ड रॉकेट एक रियूजेबल सबऑर्बिटेबल रॉकेट सिस्टम है।
छह अंतरिक्ष यात्री न्यू शेपर्ड के प्रेशराइज्ड (दबावयुक्त) क्रू कैप्सूल में बैठेंगे जहां, 'हर अंतरिक्ष यात्री को अपनी खिड़की वाली सीट मिलेगी।' छह अंतरिक्ष यात्री न्यू शेपर्ड के दबावयुक्त क्रू कैप्सूल में बैठेंगे जहां "प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री को अपनी खिड़की वाली सीट मिलेगी।" मिशन पर कोई पायलट नहीं होगा क्योंकि वाहन पूरी तरह से ऑटोनॉमस (स्वायत्त) है।












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