Google Doodle: पहली भारतीय महिला वकील कॉर्नेलिया सोराबजी को समर्पित डूडल
नई दिल्ली। गूगल ने 15 नवंबर का डूडल कॉर्नेलिया सोराबजी को समर्पित किया है, वह पहली भारतीय महिलाा थीं जिन्होंने 1892 में कानून की डिग्री हासिल की थी, यही नहीं वह पहली भारतीय महिला थीं जिन्होंने ब्रिटिश यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी। गूगल ने अपने डूडल में लिखा है कि कॉर्नेलिया के 151वें जन्मदिन के मौके पर हम उन्हें याद कर रहे हैं, उन्होंनेे प्रतिकूल माहौल में यह मुकाम हासिल किया। इस डूडल को जसज्योत सिंह हंस ने बनाया है। इस डूडल में इलाहाबाद हाई कोर्ट की तस्वीर भी है जहां से कॉर्नेलिया ने अपना प्रैक्टिस शुरू की थी।

कॉर्नेलिया का जन्म नासिक में 1866 में हुआ था, उनके पिता रेवरेंद सोराबजी करसेदजी और मां फ्रांसिना फोर्ड भी पेशे से वकील थीं, इन लोगों ने पुणे मे लड़कियों के लिए कई स्कूलों की स्थापना की थी। इन लोगों ने कॉर्नेलिया को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद वह पहली भारतीय महिला बनीं जिन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की। कॉर्नेलिया ने कानून की पढ़ाई ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी से की, हालांकि उनके लिए यह सफर इतना आसान नहीं था।
ऐसा भी समय भी था जब विश्वविद्यालय महिलाओं को दाखिला नहीं देता था। नेशनल इंडियन एसोसिएशन ने कॉर्नेलिया की मदद की, उनके अंग्रेज दोस्तों ने उनके लिए याचिका दायर की। कॉर्नेलिया ने 1894 में अपना कोर्स पूरा किया, लेकिन यूनिवर्सिटी ने उन्हें डिग्री नहीं दी, 1922 के बाद से ही ऑक्सफोर्ड ने महिलाओं को डिग्री देना शुरू किया था।
पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉर्नेलिया को ना भारत और ना ही इंग्लैंड में वकालत की इजाजत मिली। वह वापस बतौर कानूनी सलाहकार घर लौट आईं। जिसके बाद वह महिलाओं को उनके अधिकार, शिक्षा आदि के बारे में जागरूक करने लगी। कॉर्नेलिया ने एक बार फिर से बॉम्बे यूनिवर्सिटी सेे एलएलबी की पढ़ाई की और कानून की डिग्री हासिल की। 1923 में महिला वकीलों के लिए कोर्ट के दरवाजे खुले, जिसके अगले साल वह कोलकाता हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने लगीं। रिटायर होने के छह साल बाद वह लंदन चली गईं और 6 जुलाई 1954 को उनका निधन हो गया था।












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