पद्म सम्मान के ऐलान के बाद गुलाम नबी आजाद के ट्विटर बायो को लेकर उठे सवाल, अब खुद दी सफाई
नई दिल्ली, 26 जनवरी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने अपने ट्विटर के बायों में बदलव की अफवाह पर जवाब दिया है। गुलाम नबी आजाद ने ट्वीट करके लिखा, कुछ शरारती तत्वों ने भ्रम पैदा करने के लिए यह शरारत की है। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व प्रचार लोगों के बीच भ्रम पैदा करने के लिए इस तरह की शरारत कर रहे हैं, मेरे ट्विटर प्रोफाइल में ना तो कुछ जोड़ा गया है और ना ही कुछ हटाया गया है। मेरी ट्विटर प्रोफाइल पहले की ही तरह है। बता दें कि गुलाम नबी आजाद को देश के तीसरे सर्वोच्च सम्मान पद्म भूषण से नवाजा जाएगा। उनके नाम का ऐलान 25 जनवरी को किया गया था। जिसके बाद अफवाह सामने आई थी कि गुलाम नबी आजाद ने अपना ट्विटर प्रोफाइल बदल लिया है।

गौर करने वाली बात है कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस पार्टी के भीतर एक व्यापक बदलाव के लिए लिए सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र के सदस्य थे। कांग्रेस के शीर्ष 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को यह पत्र लिखकर पार्टी के भीतर व्यापक बदलाव की मांग की थी। इस पत्र पर 23 नेताओं के हस्ताक्षर थे। जिसके बाद से इन नेताओं की कांग्रेस के प्रति वफादारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में जब गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गुलाम नबी आजाद के नाम का ऐलान पद्म पुरस्कार के लिए किया गया तो कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।
Recommended Video
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने ट्वीट कर पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की तारीफ की। दरअसल भट्टाचार्य ने पद्म पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद जयराम रमेश ने लिखा, उन्होंने सही कदम उठाया है, वो आजाद रहना चाहते हैं ना कि गुलाम। वहीं राज बब्बर ने गुलाम नबी आजाद को पद्म पुरस्कार के लिए चयनित किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि गांधीवादी आदर्शों को लेकर गुलाम नबी की प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणादायी रही है। कांग्रेस के नेता शशि थरूर ने लिखा, गुलाम नबी आजाद को यह पुरस्कार दिए जाने का मैं स्वागत करता हूं।












Click it and Unblock the Notifications