वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में GDP को लगा तगड़ा झटका, ग्रोथ रेट गिरकर 5.8% पर पहुंची
नई दिल्ली: मोदी सरकार के लिए अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बुरी खबर है। मोदी सरकार ने कल अपने 57 मंत्रियों के साथ पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। शुक्रवार को जारी आंकड़ो के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018 के (जनवरी-मार्च) चौथी तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) में गिरावट आई है।

चौथी तिमाही में जीडीपी गिरकर 6 फीसदी से नीचे 5.8 फीसदी पर पहुंच चुकी है। वित्तीष वर्ष 2018-2019 में कुल जीडीपी 6.8 फीसदी ह सकती है। यानि वो 7 फीसदी से नीचे गिर सकती है। उधर लेबर सर्वे के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में देश में बेरोजगारी दर भी 6.1 फीसदी रही है।
वहीं आठ कोर इंडस्ट्रीज का संयुक्त सूचकांक अप्रैल, 2019 में 127.5 है जो कि पिछले साल 2018 की तुलना में 2.6 फीसदी अधिक है। अप्रैल 2018- मार्च 2019 के दौरान इसकी संचयी वृद्धि 4.3 प्रतिशत थी।
दरअसल देश के विभिन्न बैंकों ने चौथी तिमाही में ग्रोथ रेट 6 से 6.3 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद जताई थी। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक ने सबसे कम 6 प्रतिशत रहने की आशंका व्यक्त की थी। गौरतलब है कि चौथी तिमाही में विभिन्न क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादन में गिरावट और सरकारी खर्च में कटौती की वजह से ग्रोथ को झटका लगने की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। ये आशंका सही साबित हुई और अब सप्ष्ट है कि वित्तीय वर्ष 2018-2019 में ये गिरकर सात फीसदी से नीचे आएगी।












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