गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हटाया नागालैंड में कुत्तों के मांस पर बैन, कहा- सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कुत्तों की मांस की बिक्री से बैन हटाते हुए कहा कि ये राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।

नागालैंड सरकार के कुत्तो के वाणिज्यिक आयात, उनके मीट की व्यवसायिक बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। गुवाहाटी हाई कोर्ट की कोहिमा बेंच ने राज्य सरकार के इस फैसले को उलट दिया है।
4 जुलाई 2020 में नागालैंड कैबिनेट ने एक आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत राज्य में कुत्तों का मांस बेचने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। इस आदेश के खिलाफ लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों की ओर से याचिका दायर की गई, जिसमें प्रतिबंध के कानूनी आधार और अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी गई।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मार्ली वैंकुन की अध्यक्षता वाली पीठ ने 2 जून को फैसला सुनाते हुए कहा कि नागालैंड के मुख्य सचिव ने 4 जुलाई 2020 को कुत्तों और उनके मांस की बिक्री का जो आदेश पारित किया था वो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, इस कारण उनके आदेश की अदालत के समक्ष कोई वैधता नहीं रह जाती है।
हाईकोर्ट ने कहा कि याचीगण कुत्तों के मीट का व्यवसाय अपनी रोजी रोटी चलाते हैं। लेकिन, ये भी सही है कि कुत्ते का मांस सही भोजन के रूप में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। लेकिन, फिर भी राज्य सरकार का फैसला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।












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