Ganesh Chatutrthi Guidelines: गणेश चतुर्थी 2020 के लिए पढ़िए क्या हैं अलग-अलग राज्यों के नियम
बेंगलुरु। आस्था के पर्व गणेश उत्सव की शुरुआत 22 अगस्त से हो रही है लेकिन कोरोना संकट के कारण इस बार देश में भव्य आयोजन नहीं हो रहे हैं लेकिन राज्य सरकारों ने गणेश उत्सव के लिए अलग-अलग गाइडलाइनस जारी की है, जिनका पालन करना अनिवार्य है।
चलिए विस्तार से जानते हैं राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों के बारे में...

दिल्ली सरकार ने जारी की गाइडलाइन
- दिल्ली सरकार ने इस वर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिमा विसर्जन, बड़ी संख्या में एकत्र होने और सामुदायिक स्तर पर पर्व मनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
- अगर कोई यमुना नदी में गणेश मूर्ति का विसर्जन करता है तो उसे 50,000 का तक का जुर्माना देना होगा।
- असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों को मिलेगी सजा।
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महाराष्ट्र सरकार की गाइडलाइन
- गणेश पूजा से पहले सभी गणेश मंडलों को नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने अनुमति लेनी होगी।
- लोगों के सीमित संख्या को ध्यान में रखते हुए पूजा पंडाल बनाए जाएंगे।
- सार्वजनिक स्थानों पर रखी जाने वाली प्रतिमा की ऊंचाई 4 फीट जबकि घरों में इसकी अधिकतम ऊंचाई 2 फीट रहेगी।
- मूर्तियां एनवायरनमेंट फ्रेंडली हों और घर में ही विसर्जित की जाएं।
- पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बजाय स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां की जा सकती हैं।
- आरती, कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम के दौरान लोगों की भीड़ जमा न हो और सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन न किया जाए।
- ध्वनि प्रदूषण पर भी पूरा ध्यान देना होगा।
- गणपति मंडप का सैनिटाइजेशन होते रहना चाहिए और थर्मल स्क्रीनिंग का भी इंतजाम होना चाहिए।
- श्रद्धालुओं को मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा।
- श्री गणेश भगवान के आगमन और विसर्जन का जुलूस कार्यक्रम नहीं होगा।

पुणे पुलिस ने जारी की गाइडलाइन
- गणेश मूर्तियों को ऑनलाइन खरीदा जाना चाहिए।
- मूर्तियों को केवल आवंटित खुले स्थानों पर बेचा जाना चाहिए,सड़क के किनारे नहीं।
- मूर्ति के आगमन, स्थापना या विसर्जन के दौरान किसी भी जुलूस की अनुमति नहीं होगी।
- पंडालों में किसी भी भीड़ की अनुमति नहीं है।
- पुणे पुलिस ने कहा कि किसी भी समय पूजा में भाग लेने वाले भक्तों की संख्या पांच से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- त्योहारों के दौरान अनुष्ठान करने के लिए मंदिरों से जुड़े गणेश मंडल से आग्रह किया गया है कि वे अपनी मूर्तियों को अपने परिसर में रखें।
- गणेश मंडलों को विसर्जन के लिए अपने परिसरों में पानी की टंकियां स्थापित करने के लिए कहा गया है।
- मंडल पदाधिकारियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य होना चाहिए।
- श्रद्धालुओं को मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा।
- पंडालों को परिसर में फूड स्टॉल या किसी अन्य दुकान को स्थापित करने की अनुमति नहीं है।
- मंडलियों से आग्रह किया गया है कि वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बजाय रक्तदान शिविर या अन्य कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन करें।
- ध्यान आकर्षित करने के लिए विस्तृत सजावट न करें।

गोवा पुलिस ने जारी की गाइडलाइन
- एक बार में 10 से अधिक लोगों को अनुष्ठान में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
- आतिशबाजी की अनुमति नहीं है।
- व्यक्तिगत समारोहों को केवल घर के सदस्यों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए।
- किसी भी प्रकार की कोई गणेश चतुर्थी समारोह की अनुमति नहीं है।
- एक परिवार के केवल दो सदस्यों को विसर्जन के लिए अनुमति दी जाएगी।
- किसी भी आम वाहन को विसर्जन के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।
- सभी पक्षों को अपने निजी वाहनों का उपयोग करना चाहिए।
- विसर्जन के बाद किसी भी सभा की अनुमति नहीं है।
ये हैं तेलंगाना सरकार की गाइडलाइन
- तेलंगाना सरकार ने जनता से घर पर त्योहार मनाने का आग्रह किया है।
- हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण भक्तों के बीच 80,000 मिट्टी की मूर्तियों की खरीद और वितरण करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उत्सव घरों तक ही सीमित रहें।
- सार्वजनिक स्थानों पर मूर्ति विसर्जन या स्थापना की अनुमति नहीं है।
- सार्वजनिक उत्सव का आयोजन निषिद्ध है।












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