श्रमिक स्पेशल ट्रेन से जाना है तो यहां जान लें सबकुछ, रेलवे ने जारी किए ये खास निर्देश
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक फंसे हुए हैं। कोरोना संकट के इस घड़ी में प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाकर केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्यों के अनुरोध के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार से अलग-अलग राज्यों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी है। रेलवे की तरफ से चलाई जा रहीं इन स्पेशल ट्रेनों को 'श्रमिक स्पेशल' का नाम दिया गया है। ये ट्रेनें केवल प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई जा रही हैं।
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बिहार, यूपी और झारखंड जाने वाले प्रवासी मजदूर-छात्र ध्यान दें
रेल मंत्रालय देश भर में विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और अन्य व्यक्तियों की की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी बनाए हैं। रेल मंत्रालय ने टिकटों की बिक्री; रेलवे स्टेशनों एवं रेल प्लेटफॉर्मों पर तथा ट्रेनों में सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने और अन्य सुरक्षा उपायों पर अमल के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किया। 17 मई तक सभी मेल/एक्सप्रेस/सबर्बन आदि यात्री गाड़ियां निरस्त हैं। विभिन्न स्थानों पर रुके श्रमिकों,स्टुडेंट,श्रद्धालुओं आदि के लिए विशेष ट्रेनें राज्य सरकारों के अनुरोध पर, केवल उनके द्वारा रजिस्टर/नामित लोगों के लिए ही प्लान होंगी।अतः राज्य सरकारों के नोडल अधिकारी से संपर्क करें।
रेलवे ने दिए ये निर्देश
पश्चिम रेलवे की ओर से किये गये एक ट्वीट में कहा गया है कि सभी लोग स्टेशन ना आए। सिर्फ वही लोग आएं जो लोग रजिस्टर्ड है और जिन्हें उनके राज्य सरकार से अनुमति मिली है। पश्चिम रेलवे की ओर से किये गये ट्वीट में कहा गया है कि 'कृपया ध्यान दें -विशेष ट्रेनें राज्य सरकारों द्वारा रजिस्टर्ड तथा नामित व्यक्तियों के लिए ही प्लान की जा रही हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी कारण से रेलवे स्टेशनों पर नहीं आए। किसी को भी व्यक्तिगत रूप से रेल टिकट नहीं दिए जाएंगे और ना ही कोई व्यक्तिगत अनुरोध स्वीकार किया जाएगा। रेलवे ने साफ किया है कि स्टेशन पर किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं बेचा जाएगा। इसलिए टिकट खरीदकर यात्रा करने की मंशा से लोगों को स्टेशन पर नहीं जाना चाहिए।

बिना मुंह पर मास्क लगाए आप यात्रा नहीं कर सकेंगे
मानक प्रोटोकॉल्स के अनुसार इन फंसे हुए लोगों को भेजने वाली और उनकी रिसीव करने वाली संबंधित दोनों राज्य सरकारों के अनुरोध पर ये विशेष रेलगाड़ियां एक जगह से दूसरी जगह के बीच चलेंगी। यात्रियों को भेजने वाले राज्यों द्वारा उनकी जांच की जाएगी और यात्रा की अनुमति केवल उन्हीं लोगों को दी जाएगी जिनमें कोई लक्षण नहीं पाया जायेगा। आपको मास्क अपने साथ हमेशा रखना होगा। यानी बिना मुंह पर मास्क लगाए आप यात्रा नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, आपको ट्रेन में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

स्पेशल ट्रेन में सफर करने वाले प्रवासी यात्रियों को टिकट लेने की जरूरत नहीं
यहां ध्यान देने वाली बात है कि स्पेशल ट्रेन में सफर करने वाले प्रवासी यात्रियों को टिकट लेने की जरूरत नहीं है। कोविड-19 महामारी के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण देशभर में जहां-तहां फंसे प्रवासी मजदूरों को ट्रेन से उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने का किराया रेलवे राज्य सरकारों से वसूलेगा। जिस ट्रेन से प्रवासी मजदूरों को भेजा जाएगा उसे श्रमिक स्पेशल नाम दिया गया है। इसमें सफर करने के किराए में स्लीपर क्लास के टिकट मूल्य, 30 रुपये का सुपरफास्ट शुल्क और 20 रुपये भोजन-पानी के शामिल होंगे। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को अपने पास से कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं, उनके खर्च का वहन राज्य सरकारें करेंगी।

घर भजेने से पहले होगी स्क्रीनिंग
अगर आप ट्रेन में बैठ जाते हैं और सफर शुरू हो जाता है तो बात यहीं खत्म नहीं हो जाती। जब आप अपने गंतव्य स्टेशन पहुंच जाएंगे तो फिर वहां भी आपकी स्क्रीनिंग की जाएगी। अगर किसी तरह के लक्षण नहीं मिलते हैं तो यात्रियों को सीधा घर भेजा जाएगा, जहां उन्हें 14 दिन का क्वारंटाइन पूरा करना होगा। वहीं अगर किसी तरह की गड़बड़ी दिखी तो अस्पताल भेजा जाएगा।












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