वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम बने हुए हैं एक चैलेंज
नई दिल्ली, अक्टूबर 18। देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर चिंता जाहिर की है। दरअसल, निर्मला सीतारमण ने न्यू यॉर्क संडे को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि देश के अंदर बढ़ती तेल की कीमतें इस वक्त मेरे लिए एक चुनौती बनी हुई है। हालांकि मेरा मंत्रालय और मेरी टीम इस पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं तेल की कीमतें बड़ी ऊंचाई पर जा रही हैं, ये अनिश्चित्ता उनके लिए बड़ी चीज है, जिस पर अभी भी अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
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आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज अभी नहीं लेंगे वापस- सीतारमण
वित्त मंत्री ने आगे कहा है कि कोरोना महामारी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को जो नुकसान पहुंचा है, उसे पटरी पर लाने का काम तेजी से चल रहा है और इसीलिए हम अर्थव्यवस्था को समर्थन के लिए दिए गए प्रोत्साहन को वापस लेने की कोई जल्दी में नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ये सुनिश्चित करना चाहती है कि देश विकास के रास्ते पर चलता रहे और आर्थिक सुधार होते रहें।
विकास दर 9.5 फीसदी रहने की उम्मीद- वित्तमंत्री
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि कोविड 19 के प्रकोप के कारण राजकोष में बहुत बड़ा घाटा हुआ है, लेकिन इसके बाद भी "स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर जारी रहेगा," और इसलिए पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि RBI और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड को उम्मीद है कि भारत इस वित्त वर्ष में 9.5 फीसदी की दर से विकास करेगा, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतें और कोयले की किल्लत इसमें बड़ी रूकावट साबित हो सकती हैं।
इस इंटरव्यू में निर्मला सीतारमण में जलवायु और महामारी से सुरक्षा के लिए वित्त और प्रौद्योगिकी समाधान के समान तरीके से वितरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रित तरीके से फंड जुटाने की जरूरत है।












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