नहीं रहे जलियांवालाबाग के चश्मदीद स्वतंत्रता सेनानी सुधाकर चतुर्वेदी, 122 साल की उम्र में निधन
नई दिल्ली। स्वतंत्रता सेनानी वैदिक स्कॉलर सुधाकर कृष्णा राव का गुरुवार को निधन हो गया। वो 122 साल के थे। वेदों के ज्ञाता होने के चलते उनको सुधाकर चतुर्वेदी के नाम से जाना है। सुधाकर चतुर्वेदी 1919 में अमृतसर में हुए जलियांवाला बाग गोलीकांड के चश्मदीद थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने राव के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

सुधाकर चतुर्वेदी की पोती डॉ सुमा ने बताया कि उन्होंने जयनगर के अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उम्र ज्यादा होने के चलते उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी पोती ने उनका अंतिम संस्कार किया।
चारों वेदों का ज्ञाता होने के कारण राव को पंडित सुधाकर चतुर्वेदी की उपाधि दी गई थी। उन्होंने कन्नड़, अंग्रेजी और संस्कृत में लगभग 50 पुस्तकें लिखी हैं। जिसमें कन्नड़ में किए वेदों के 20 अनुवाद खंड शामिल हैं। वे स्वामी श्रद्धानंद के शिष्य थे, जो आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद के शिष्य थे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राव महात्मा गांधी से जुड़े थे और कई बार जेल गए थे।












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