2G पर राजा की किताब: विनोद राय पर बोला हमला, कहा: उनका राजनीतिक उपयोग हुआ

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की अदालत से 2 जी मामले में बरी किए गए पूर्व संचार मंत्री ए राजा ने पूर्व CAG विनोद राय पर हमला किया है। राजा ने कहा है कि विनोद राय संवैधानिक शक्ति के उल्लंघन के दोषी हैं। दरअसल, राजा अपनी किताब 2 जी सागा अन्फोल्ड्स पर बात कर रहे थे। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से राजा ने कहा कि राय के जरूर किसी राजनीतिक दल से संबंध रहें होंगे। मैं जेल में था और इसकी जांच नहीं कर सकता था। मुझे पक्का विश्वास है कि राय के पीछे जरूर को राजनीतिक साजिश रही होगी। राजा ने कहा कि बतौर भारतीय प्रशासनकि सेवक (IAS) राय की कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं रही होगी लेकिन उन्हें किसी ने अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए उपयोग किया होगा।

राय का उपयोग किसने किया होगा?

राय का उपयोग किसने किया होगा?

यह पूछे जाने पर कि राय का उपयोग किसने किया होगा, इस पर राजा ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि क्योंकि उन्होंने एकतरफा फैसलों से हमला किया है। संचार विभाग और ऑडिट टीम के बीच पत्रों के जरिए बातचीत हुई थी। CAG ने जो भी सवालात किए थे, उनका जवाब अधिकारियों ने दिया था। कुछ भी गलत हीं हुआ, कोई घोटाला नहीं हुआ। सब सही था। सभी वाजिब आवेदकों को स्पेक्ट्रम लाइसेंस दिया गया था।

ए राजा ने कहा था कि

ए राजा ने कहा था कि

इससे पहले इस किताब के बारे में ए राजा ने कहा था कि इसमें गिरफ्तारी और ट्रायल की वजहों का खुलासा किया जाएगा। कहा जा रहा है कि ए राजा की इस किताब में 200 से भी ज्यादा पन्नें होंगे। इसमें 2जी की अहम घटनाओं का सिलसिलेवार तरीके से ब्योरा पेश किया जाने की संभावना है। साल 2015 में दिए एक इंटरव्यू में ए राजा ने कहा था कि इस किताब में जेल में बिताए गए उनके दिनों और उन्हें जेल क्यों भेजा गया, इन सब बातों के बारे में बताएंगे।

परेशान किया गया

परेशान किया गया

ए राजा का कहना था कि उनके एकाधिकार खत्म करने के लिए उन्हें परेशान किया गया। ए राजा से जुड़े एक शख्स का कहना है कि इस किताब को पेंग्विन ने प्रकाशित किया है। ए राजा काफी समय से इस किताब को लिख रहे थे। लेकिन इसी सप्ताह कोर्ट से बरी होने के बाद ए राजा ने इस किताब को प्रकाशित करने का फैसला किया है।

प्रकाशन को टाल दिया गया था

प्रकाशन को टाल दिया गया था

ए. राजा से जुड़े एक शख्स का कहना है कि इस किताबों में ए.राजा के राजनीतिक पतन से लेकर उनके केस के बारे में सारी जानकारियां दी जाएंगी। ए. राजा ने इस किताब को काफी मेहनत से लिखा है। ए. राजा के एक सहयोगी का कहना है कि केस से पहले इस किताब को इस कारण से नहीं पब्लिश किया, क्योंकि कोर्ट का फैसला आने से पहले वो किसी ओर मामले में नहीं पड़ना चाहते थे। इस कारण से इस किताब के प्रकाशन को टाल दिया गया था।

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