तोहफे में जबरन मिक्सर देने पर पूर्व राष्ट्रपति APJ कलाम ने चेक से भेज दिया भुगतान, IAS ने शेयर किया किस्सा
Former President Dr. APJ Kalam: भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम न केवल महान वैज्ञानिक बल्कि सिद्वांतवादी भी व्यक्ति थे। आईएएस एमवी राव ने कलाम को तोहफे में मिक्सर मिलने वाला किस्सा शेयर किया है।
Former President Dr. APJ Kalam check: पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एजीजे अब्दुल कलाम का एक किस्सा इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो हर किसी के दिल को छू लेना वाला है।
डॉ. कलाम न केवल महान वैज्ञानिक बल्कि सिद्वांतवादी भी व्यक्ति थे। वे कोई उपहार लेना तक स्वीकार नहीं करते थे। एक बार ऐसा हुआ कि बार-बार आग्रह करके उन्हें तोहफे में मिक्सर भेंट की गई तो उन्होंने अपने निजी बैंक खाते से चेक के जरिए उस मिक्सर का भुगतान भेज दिया।

मिसाइल मैन एपीजे कलाम का यह पूरा किस्सा 1988 बैच के आईएएस अधिकारी एमवी राव ने शेयर किया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें यह किस्सा एक ग्रुप से प्राप्त हुआ। वन इंडिया हिंदी टीम भी इसकी सत्यतता की पुष्टि नहीं करती है।
आईएएस एमवी राव के ट्वीट के अनुसार मामला साल 2014 है। एक कंपनी ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम को किसी सावर्जनिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बुलाया था। उस कार्यक्रम में सौभाग्य वेट ग्राइंडर प्रायोजक था।

कार्यक्रम प्रायोजक ने डॉ. कलाम को उपहार में एक मिक्सर (ग्राइंडर) देना चाहा तो उन्होंने अस्वीकार कर दिया। फिर ज्यादा आग्रह करने पर डॉ. कलाम ने मिक्सर स्वीकार तो कर लिया, मगर अपने हिसाब से फिर उसके पैसे लौटा दिया।
अगले दिन एपीजे कलाम ने उस ग्राइंडर की कीमत जानने के लिए अपने व्यक्ति को बाजार में भेजा। बाद में उन्होंने अपने व्यक्तिगत खाते से बाजार मूल्य का एक चेक बनाया और कंपनी को भेज दिया। जैसा कि अपेक्षित था कंपनी ने चेक जमा न करने का निर्णय लिया।
कहानी यहीं ख़त्म नहीं होती। तब डॉ. कलाम ने अपने बैंक से संपर्क किया और कहा कि जब समय पर कटौती नहीं होगी तो उन्हें ग्राइंडर वापस भेजने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उनके संकल्प को देखकर कंपनी ने चेक तो जमा कर दिया लेकिन उसकी फोटोकॉपी बनाकर उसे फ्रेम कराकर डिस्प्ले पर रख दिया।
उल्लेखनीय है कि चेक पर तारीख 25 अगस्त 2014 और रुपए 4850 लिखे हुए हैं। डेट के हिसाब से मामला कलाम के राष्ट्रपति कार्यकाल के बाद का है। डॉ. कलाम 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे थे। 15 अक्टूबर को रामेश्वरम में जन्मे Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam का 27 जुलाई 2015 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।












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