रेप केस में पूर्व JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना को उम्रकैद, पीड़िता को 7 लाख का मुआवजा देने का आदेश
जनता दल (सेक्युलर) के निलंबित नेता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बड़ा झटका लगा है। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज चार यौन शोषण और बलात्कार के मामलों में से एक में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते रेवन्ना पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और पीड़िता को 7 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया।

शुक्रवार यानि 1 अगस्त को कोर्ट ने रेवन्ना को एक घरेलू सहायिका (Domestic Worker) द्वारा दायर बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया था। यह फैसला उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के महज 14 महीने बाद आया है। अदालत ने अब इस मामले में आज सजा सुनाई है।
कोर्ट के फैसले के बाद फूट-फूटकर रोया पूर्व सांसद
कोर्ट का फैसला आते ही रेवन्ना रो पड़े और अदालत से बाहर निकलते समय उन्हें रोते हुए देखा गया। आपराधिक जांच विभाग (CID) के साइबर अपराध थाने में दर्ज इस मामले में रेवन्ना पर महिला के साथ दो बार बलात्कार करने और इस कृत्य का वीडियो बनाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता ने साक्ष्य के तौर पर पेश की साड़ी
जांच और मुकदमे के दौरान, पीड़िता ने साक्ष्य के तौर पर एक साड़ी पेश की, जिसे उसने सुरक्षित रख लिया था। बाद में फोरेंसिक जांच में साड़ी पर शुक्राणु (Sperm) की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिसे अदालत में पेश किया गया और बलात्कार की पुष्टि के लिए इसे एक महत्वपूर्ण सबूत के रूप में स्वीकार किया गया।
2,000 पेज का आरोप पत्र किया गया पेश
यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2008 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इंस्पेक्टर शोभा के नेतृत्व में सीआईडी के विशेष जांच दल (SIT) ने जांच के दौरान 123 साक्ष्य एकत्र किए और लगभग 2,000 पेजों का एक आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने 23 गवाहों से की पूछताछ
मुकदमा 31 दिसंबर, 2024 को शुरू हुआ। अगले सात महीनों में अदालत ने 23 गवाहों से पूछताछ की और वीडियो क्लिप की प्रमुख फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) रिपोर्टों के साथ-साथ अपराध स्थल की निरीक्षण रिपोर्टों की भी समीक्षा की।
कौन है प्रज्वल रेवन्ना?
प्रज्वल रेवन्ना जनता दल (सेक्युलर) (JDS) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा के पोते हैं। 2019 में वह कर्नाटक के हासन लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे और पार्टी के युवा चेहरों में गिने जाते थे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले प्रज्वल राजनीति में अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ा रहे थे, लेकिन मई 2024 में एक महिला घरेलू कर्मचारी द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न मामले ने उनकी छवि पर गहरा दाग लगा दिया। अब एक विवादित और सजा पाए हुए पूर्व सांसद के रूप में पहचाने जा रहे हैं।












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