मिलिंद देवड़ा ने हार का जिम्मा राहुल गांधी की सलाहकार टीम पर डाला

इनमें सबसे पहला नाम है पूर्व केंद्रीय मंत्री और राहुल गांधी की युवा टीम के सदस्य मिलिंद देवड़ा का। मिलिंद ने बुधवार को हार के लिए राहुल गांधी के सलाहकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
साउथ मुंबई से चुनाव हारने वाले मिलिंद ने अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' को दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि कांग्रेस की हार के पीछे कई फैक्टर हैं। हार के लिए सिर्फ राहुल गांधी या फिर उनकी लीडरशिप को ही दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। मिलिंद ने साफ किया कि हार की वजह राहुल गांधी नहीं बल्कि उनके आसपास मौजूद कुछ लोग थे। मिलिंद का सीधा निशाना राहुल की सलाहकार टीम पर था।
मिलिंद ने अपने इस इंटरव्यू में कहा कि राहुल गांधी को सलाह देने वाले लोग ठीक नहीं हैं। राहुल की सलाहकार टीम में शामिल लोगों ने उन्हें जमीनी हकीकत से दूर रखा। टीम को कुछ भी मालूम नहीं का ज्ञान नहीं हैं और न ही चुनावों का अनुभव है।
लेकिन जो लोग सलाह लेते हैं, जिम्मेदारी उन्हें भी लेनी पड़ती है। मिलिंद के मुताबिक यह सिर्फ एक शख्स की छवि के बारे में नहीं, बल्कि उसके आस-पास के लोगों के बारे में भी है। उन लोगों को भी हार की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत ने भी मिलिंद देवड़ा के साथ सुर में सुर मिलाया है। उन्होंने मिलिंद की बात को सही बताकर आलोचना की आवाज को और बुलंद कर दिया है।
क्या कहा मिलिंद ने
अपने इंटरव्यू में देवड़ा ने कहा कि सवाल यह है कि सलाहकारों को जमीनी हकीकत की जानकारी थी या नहीं। पार्टी में ऐसी बातें दबी जबान से हो रही थी कि जो लोग फैसले ले रहे थे उन्हें चुनावों का कोई अनुभव ही नहीं था। न ही पार्टी में उनका कद, स्टैंड, सम्मान और विश्वसनीयता थी। वे प्रमुख विभागों के प्रभारी थे और अहम पदों पर आसीन थे।
इन लोगों के समूह ने पार्टी काडर और सांसदों की बात नहीं सुनी। उन्होंने अलग-अलग विचारों को चर्चा में आने से रोका और कोई लोगों को चुप करा दिया। हममें से कई जानते थे कि पार्टी उदासीन हो चली है। पिछली लोकसभा में सूचना व प्रसारण राज्य मंत्री मिलिंद देवड़ा ने कहा कि पार्टी के बहुत सारे लोगों को लगता था कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। उन्हें लगने लगा था कि उनकी राय मायने ही नहीं रखती।
देवड़ा से सहमत सत्यव्रत
कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि राहुल के सलाहकारों के पास अनुभव नहीं है। पार्टी और सरकार के बीच समन्वय की कमी थी। राहुल से गलती हुई, गलती हम सबसे हुई। उसे ठीक करना जरूरी है। मिलिंद देवड़ा ने ठीक ही कहा है लेकिन उन्होंने जो भी कुछ कहा वो उन्हें पार्टी फोरम में कहना चाहिए था।
राहुल पर साधा निशाना
राहुल गांधी को भी लपेटे में लेते हुए सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि सिर्फ सलाहकारों की बात नहीं है। सलाह लेने वाले लोगों को भी जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। वे जो सलाह देते हैं, वे जो सलाह लेते हैं और वे जो समझते हैं कि वे बेहतर सलाह दे सकते थे, सबको जिम्मेदारी लेनी पड़ती है।
किसी का नाम लिए बिना मिलिंद देवड़ा ने कहा कि अब सिर्फ यही तरीका बचा है कि पार्टी को थोड़ा खोला जाए और विरोध और बहस की अंदरूनी आवाजों को जगह दी जाए। उन्होंने पार्टी में आजाद और खुली चर्चा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।
देवड़ा ने कहा कि सिर्फ चुनाव अभियान को कोसना ठीक नहीं है। पार्टी ने कई जगहों पर गलत दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पार्टी की सोच, सरकार, संपर्क, पार्टी और सरकार में तालमेल, इन सब मोर्चों पर हम गलत दिशा में जा रहे थे। पिछले तीन साल से चीजें खराब हो रही थीं।












Click it and Unblock the Notifications