आर्टिकल 370: पूर्व IAS शाह फैसल हिरासत में, विदेश जाने की कोशिश कर रहे थे
नई दिल्ली- पूर्व आईएएस टॉपर शाह फैसल को बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया। खबरों के मुताबिक उन्हें तब हिरासत में लिया गया, जब वे विदेश की उड़ान पकड़ने ही वाले थे। बाद में उन्हें वापस श्रीनगर भेज दिया गया जहां उन्हें हिरासत में ही रखा गया है। खबरें हैं कि वे इस्तांबुल की फ्लाइट पकड़ने वाले थे।

भड़काऊ बातें लिख रहे थे फैसल
कश्मीर के पहले आईएएस टॉपर शाह फैसल को श्रीनगर में पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखा गया है। इससे पहले वे दिल्ली एयरपोर्ट से इस्तांबुल जा रहे थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लेकर वापस श्रीनगर भेज दिया गया। गौरतलब है कि आईएएस की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर राजनीति में कूदे फैसल जम्मू और कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार के फैसले का सोशल मीडिया पर कड़ा विरोध कर रहे थे। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर कश्मीरियों के राजनीतिक अधिकार बहाल करने के लिए 'अहिंसक राजनीतिक जन आंदोलन' चलाने की भी चेतावनी दी थी। उन्होंने लिखा था, "राजनीतिक अधिकारों की बहाली के लिए कश्मीर को लंबे, निरंतर, अहिंसक राजनीतिक जन आंदोलन की जरूरत है। आर्टिकल 370 खत्म होने से मुख्यधारा को समाप्त कर दिया गया है। संविधानवादी चले गए हैं। इसलिए आप अब चाहे कठपुतली या एक अलगवावी बन सकते हैं। "

लगातार विवादित पोस्ट कर रहे थे
सोशल मीडिया पर और एक विवादित बयान में फैसल ने लिखा है, "कोई ईद नहीं है। पूरी दुनिया में कश्मीरी अपनी जमीन के गैरकानूनी राज्य-हरण पर शोक मना रहे हैं। तब तक कोई ईद नहीं होनी होगी, जबतक वो सब चीज दोबारा न लौटा नहीं दिया जाय जो 1947 से चुराई या छीनी गई है। तबतक ईद नहीं जब तक एक-एक अपमान का बदला नहीं लिया जाता और उसे फिर से पहले की तरह नहीं किया जाता।" उनके इस भड़काऊ बयान पर आलोचकों ने देशद्रोह का भी आरोप लगाया है।

राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष हैं फैसल
5 अगस्त को कश्मीर से आर्टिकल 370 के कुछ प्रावधान हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले के बाद से जम्मू-कश्मीर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। संचार सेवाएं बंद हैं और कश्मीर घाटी में कर्फ्यू की तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। हालांकि, सोमवार को ईद के दौरान लोगों को काफी राहत भी दी गई थी। बता दें कि शाह फैसल एमबीबीएस डॉक्टर हैं, जिन्होंने डॉक्टरी को छोड़कर यूपीएससी की परीक्षा दी थी और 2009 में कश्मीर से पहले आईएएस टॉपर बने थे। लेकिन, उन्होंने इसी साल जनवरी में कश्मीर में अलगाववादियों और पाकिस्तान परस्त कश्मीरियों के खिलाफ सरकार की सख्ती के खिलाफ आईएएस की नौकरी छोड़ दी थी। बाद में उन्होंने जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट पार्टी बनाई जिसके वे अध्यक्ष भी हैं।












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