राहुल गांधी के आरोपों पर घिरे CEC ज्ञानेश कुमार, पूर्व चुनाव आयुक्तों ने कहा 'वोट चोरी' की होनी चाहिए जांच!
CEC Gyanesh Kumar: लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के "वोट चोरी" वाले आरोप अब और बड़ा विवाद बन गए हैं। शुरुआत में इस मुद्दे पर कांग्रेस और चुनाव आयोग आमने-सामने थे, लेकिन अब तीन पूर्व चुनाव आयुक्त भी खुलकर सामने आ गए हैं। उनका कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का गुस्से भरा रवैया चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा के अनुकूल नहीं था।
पूर्व आयुक्तों का मानना है कि जब देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का नेता वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाता है, तो उसे चुनौती देने के बजाय जांच करनी चाहिए थी। यही नहीं, उन्होंने कहा कि इस तरह का जवाब आयोग की विश्वसनीयता पर असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का रवैया सही नहीं था और मामले को जांच के जरिए सुलझाना चाहिए था, न कि राहुल गांधी से शपथ पत्र मांगकर।

कुरैशी बोले - जांच करवाते तो बेहतर होता
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि राहुल गांधी की बात केवल उनकी व्यक्तिगत राय नहीं थी, बल्कि कई लोगों की चिंताओं की झलक थी। उनका कहना है कि गुस्से में जवाब देने से चुनाव आयोग की साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, "अगर मैं उनकी जगह होता तो तुरंत जांच के आदेश देता।"
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ओपी रावत ने भी जताई असहमति
पूर्व सीईसी ओपी रावत का कहना है कि आयोग का काम सवाल पूछना नहीं बल्कि शंका दूर करना है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर जांच होती और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाती, तो किसी तरह का शक खड़ा ही नहीं होता।
अशोक लवासा का बयान
पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने भी ज्ञानेश कुमार की ओर से राहुल गांधी से शपथ पत्र मांगने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को किसी भी गंभीर शिकायत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठना बड़ी बात है और ऐसे मामलों में तुरंत जांच जरूरी है।
अगस्त में आया था CEC का बयान
अगस्त में ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि यह संविधान का अपमान है। उन्होंने राहुल गांधी को सात दिन का वक्त देते हुए साफ कहा था कि या तो शपथ पत्र दें या देश से माफी मांगें, तीसरा कोई विकल्प नहीं है।
राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा का उदाहरण देते हुए दावा किया था कि वहां एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट पाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि डुप्लीकेट वोटर, नकली पते और बड़ी संख्या में वोटरों के नाम जोड़कर चुनाव में धांधली की गई और यही "वोट चोरी मॉडल" देश की कई सीटों पर लागू किया जा रहा है।
चिदंबरम का हमला
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि तीनों पूर्व आयुक्तों ने साफ कर दिया है कि किसी भी ठोस शिकायत पर जांच होना आयोग की जिम्मेदारी है। ऐसे में अब सीईसी ज्ञानेश कुमार को इन आलोचनाओं पर अपना जवाब देना चाहिए।
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