आखिर कौन हैं विनोद राय, जिन्हें दी गई है बीसीसीआई की कमान
विनोद राय 1972 बैच के केरला कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने थ्रिसूर जिले में सब-कलेक्टर के तौर पर अपना करियर शुरू किया।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व कैग विनोद राय को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की कमान सौंपी है। विनोद राय भारत के 11वें नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) थे। उन्होंने जनवरी 2008 में इस पद को संभाला और मई 2013 तक इस पद पर रहे। इसी दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में हुए लाखों करोड़ रुपये के टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले और कोयला घोटाले का सनसनीखेज खुलासा हुआ था, जिसके बाद विनोद राय चर्चा में आए थे। वर्तमान में विनोद राय संयुक्त राष्ट्र पैनल के विदेशी लेखा परीक्षकों के अध्यक्ष हैं। साथ ही रेलवे के मानद सलाहकार समेत रेलवे कायाकल्प परिषद के सदस्य भी हैं।

पूर्व कैग रहे विनोद राय के हाथों में बीसीसीआई
विनोद राय का जन्म 23 मई, 1948 को हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर्स डिग्री हासिल की है। हॉर्वड विश्वविद्यालय से उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। उन्हें भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का खुला समर्थन किया। नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) के पद पर रहते हुए इस संस्था को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में अहम रोल अदा किया। उनके अनुभव को देखते हुए ही विनोद राय का बीसीसीआई का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है।
विनोद राय 1972 बैच के केरला कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने थ्रिसूर जिले में सब-कलेक्टर के तौर पर अपना करियर शुरू किया। बाद में वो कलेक्टर बने और थ्रिसूर जिले में आठ साल बिताए। बाद में विनोद राय 1977 से 1980 के बीच केरल राज्य को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन के एमडी रहे। इसके बाद उन्हें केरल राज्य का मुख्य सचिव (वित्त) नियुक्त किया गया। इसके बाद वो कई और अहम पदों पर काम करते हुए सीएजी के पद तक पहुंचे। फरवरी 2016 में विनोद राय को बैंक बोर्ड ब्यूरो का चेयरमैन बनाया गया। ये पब्लिक सेक्टर्स के बैंकों में उच्च स्तर पर नियुक्तियों को लेकर सरकार को अपनी सलाह देते हैं। विनोद राय को मार्च 2016 में पद्म भूषण अवॉर्ड से नवाजा गया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें ये सम्मान दिया।












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