पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता बीरेंद्र सिंह ने दिया राज्यसभा से इस्तीफा
नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने 20 जनवरी को बीरेंद्र सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। बीरेंद्र सिंह 2 अगस्त 2016 को तीसरी बार राज्यसभा के सांसद बने थे और उनकी सदस्यता एक अगस्त 2022 को समाप्त होनी थी।

बीरेंद्र सिंह ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अहम जिम्मेदारी संभाली थी। वे हरियाणा से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। हालांकि, कार्यकाल समाप्त होने से करीब ढाई साल पहले ही उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राज्यसभा में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने वाले बीरेंद्र सिंह 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस पार्टी में रहते हुए उंचाना कलां विधानसभा सीट से साल 1977 में चुनाव लड़ा था और उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के खिलाफ लहर के बावजूद चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद बीरेंद्र सिंह का राजनीतिक कद काफी बढ़ गया। पांच बार विधायक रह चुके बीरेंद्र सिंह हरियाणा सरकार में तीन बार कैबिनेट मंत्री भी रहे। वे 1984 में हिसार लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद भी पहुंचे थे। इस चुनाव में उन्होंने ओमप्रकाश चौटाला को बड़े अंतर से मात दी थी।
उन्होंने बेटे बृजेंद्र सिंह के सांसद चुने जाने के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। बृजेंद्र सिंह हिसार सीट से लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर संसद पहुंचे हैं। बृजेंद्र सिंह ने बतौर आईएएस 21 सालों तक सेवाएं दी हैं। बीरेंद्र सिंह की पत्नी ने पिछले चुनाव में हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उनको जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। प्रेम लता उचाना कलां विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं।












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