EX Army Chief Naravane Book Row: एम नरवणे की किताब पर FIR दर्ज, दिल्ली पुलिस की एंट्री से सियासत तक पूरा मामला
EX Army Chief M Naravane Book Row: पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) की कथित अप्रकाशित किताब को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी और सियासी रूप ले चुका है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है।
राहुल गांधी के बयान से लेकर भाजपा नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया तक, यह मुद्दा संसद और राजनीति दोनों में चर्चा का केंद्र बन गया है। विस्तार से जानिए क्या है पूरा मामला...

M Naravane की किताब पर विवाद क्या है पूरा मामला?
विवाद उस समय सामने आया जब यह आरोप लगा कि पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की एक किताब, जो अभी तक आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है, उसके अंश या प्रति सार्वजनिक रूप से दिखाई गई या प्रसारित की गई।
इसी कथित सर्कुलेशन को लेकर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी। दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब संसद में इस मुद्दे को लेकर पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
Rahul Gandhi Statement- 'मुझे जनरल नरवणे पर पूरा भरोसा है'
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पूर्व सेना प्रमुख पर पूरा विश्वास है। राहुल गांधी ने कहा कि करीब तीन साल पहले खुद जनरल एमएम नरवणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस किताब का लिंक साझा किया था और लोगों से इसे खरीदने की अपील भी की थी।
राहुल गांधी ने कहा,मैं पूर्व सेना प्रमुख पर भरोसा करता हूं। वह झूठ नहीं बोलेंगे। कांग्रेस का तर्क है कि जब किताब को लेकर पहले ही सार्वजनिक जानकारी दी जा चुकी थी, तो अब इसे लेकर विवाद खड़ा करना समझ से परे है।
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन का आरोप- 'ध्यान भटकाने की कोशिश'
कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने FIR दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे उठाकर देश के अहम सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
रंजीत रंजन ने कहा,ऐसे मुद्दे जानबूझकर उछाले जा रहे हैं। आखिरकार, जिस दिल्ली पुलिस ने यह केस दर्ज किया है वह गृह मंत्रालय के अधीन आती है। उन्होंने संकेत दिया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई हो सकती है।
BJP का पलटवार- 'संसद को गुमराह नहीं किया जा सकता'
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किताब के प्रकाशक पेंगुइन ने स्पष्ट बयान जारी किया है कि यह किताब न तो छपी है और न ही रिलीज की गई है, और अगर ऐसा है तो फिर सवाल उठता है कि कौन-सी किताब दिखाई जा रही है।
निशिकांत दुबे ने कहा,संसद में नियम होते हैं और किसी को भी गुमराह करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। अगर प्रकाशक कह रहा है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई, तो फिर यह कौन-सी किताब है? उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से राहुल गांधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि ये लोग देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
महिला सांसदों पर भी भाजपा का तीखा बयान
इसी बयान के दौरान भाजपा सांसद ने विपक्ष की महिला सांसदों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, विपक्ष की महिला सांसद प्रधानमंत्री की कुर्सी तक क्यों गईं? अगर प्रधानमंत्री पर हमले की साजिश हो सकती है, तो फिर कुछ भी हो सकता है यहां तक कि हत्या भी। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक विपक्ष की महिला सांसदों को निलंबित क्यों नहीं किया गया और कांग्रेस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एक किताब से उपजी सियासत...
पूर्व सेना प्रमुख की किताब से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ एक कानूनी जांच का मामला नहीं रह गया है बल्कि कांग्रेस बनाम भाजपा की सियासी लड़ाई का नया अध्याय बनता जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस इसे ध्यान भटकाने की साजिश बता रही है तो दूसरी तरफ भाजपा संसद की गरिमा और नियमों का हवाला देकर कार्रवाई की मांग कर रही है।
अब सभी की नजरें दिल्ली पुलिस की जांच पर टिकी हैं क्या वास्तव में किसी अप्रकाशित किताब का प्रसार हुआ और अगर हुआ तो किसने और कैसे किया। वहीं संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने के आसार हैं।












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