UNSC में बोले विदेश सचिव- महामारी के चलते सशस्त्र संघर्ष वाले इलाकों में बच्चों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत

सशस्त्र संघर्ष में बच्चों पर ज्यादा ध्यान की जरूरत: विदेश सचिव

नई दिल्ली, 28 जून: भारत के विदेश सचिव हर्ष वी. श्रृंगला ने कहा है कि उन इलाकों में जहां सशस्त्र संघर्ष हो रहे हैं, वहां बच्चों को लेकर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के चलते स्कूल बंद हैं और बच्चे घरों पर हैं, ऐसे में उनका काफी वक्त इंटरनेट पर बीत रहा है। ऐसे में वो किसी समूह के संपर्क में आ सकते हैं। यूएनएससी में बोलते हुए विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने ये कहा है।

Foreign Secretary Harsh Shringla

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सशस्त्र संघर्ष और बच्चों पर खुली बहस में बोलते हुए हर्ष श्रृंगला ने कहा, कोरोना महामारी ने सशस्त्र संघर्ष की स्थितियों में बच्चों पर काफी नकारात्मक प्रभाव डाला है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं तक पहुंच में आज एक अड़चन देखने को मिल रही है। यह बहुत अहम है कि स्टेट बाल संरक्षण संबंधी चिंताओं को ज्यादा अहमियत दें। उन्होंने कहा कि इस समय में बच्चे आसानी से किसी गलत समूह का शिकार हो सकते हैं। स्कूल बंद होने से आतंकी संगठनों या हिंसक चरमपंथी विचारधारा वाले समूहों को एक अवसर मिल गया है। शिक्षा के लिए अपनाए जा रहे ऑनलाइन माध्यमों के जरिए वो भी बच्चों को निशाना बना सकते हैं।

विदेश सचिव ने अपने भाषण में कहा कि बाल संरक्षण और आतंकवाद विरोधी एजेंडे को लागू करने में आज ज्यादा समन्वित दृष्टिकोण की आवश्यकता है। अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए राज्यों को अधिक राजनीतिक इच्छाशक्ति के प्रदर्शन की भी आवश्यकता है।

सशस्त्र संघर्ष वाले इलाकों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, उन पर मानसिक तौर पर पड़ने वाले असर जैसे विषयों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ये बहस आमंत्रित की थी। ऑनलाइन माध्यम से इसमें भारत के विदेश सचिव ने अपनी बात रखी।

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